हरिद्वार में पिछले 18 वर्षों से अखबार वितरण से जुड़े श्यामलाल कथूरिया का बीमारी के चलते निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से अखबार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
श्यामलाल कथूरिया अपने मृदुभाषी स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे। अखबार वितरण से लंबे समय तक जुड़े रहने के कारण उनका स्थानीय अखबार जगत से भी गहरा संबंध था।
उनके बड़े बेटे गौरव और छोटे बेटे चितवन सहित परिजनों ने कनखल श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया।
लोगों ने जताया शोक
अखबार अभिकर्ता अश्वनी शर्मा, सुभाष चंद, अनिल ठाकरल, सलीम, शौकीन, गुरमीत सिंह, जोनी और संदीप ने शोक व्यक्त किया। स्थानीय पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने भी उनके निधन पर संवेदना जताई।
शोक व्यक्त करने वालों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
निष्कर्ष
श्यामलाल कथूरिया के निधन से हरिद्वार के अखबार जगत में शोक है। परिवार ने कनखल श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. श्यामलाल कथूरिया कौन थे?
श्यामलाल कथूरिया अखबार विक्रेता थे और पिछले 18 वर्षों से अखबार वितरण से जुड़े थे।
Q. श्यामलाल कथूरिया की उम्र कितनी थी?
वह 68 वर्ष के थे।
Q. उनके निधन का कारण क्या बताया गया है?
उनका निधन बीमारी के चलते हुआ।
Q. उनका अंतिम संस्कार कहां किया गया?
उनका अंतिम संस्कार कनखल श्मशान घाट पर किया गया।
Q. उनके परिवार में कौन-कौन हैं?
उनके बड़े बेटे का नाम गौरव और छोटे बेटे का नाम चितवन है।










