हरिद्वार के मेला चिकित्सालय परिसर में रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवारों ने पेड़ों और जंगली जीवों से खतरे को लेकर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवारों का कहना है कि अस्पताल परिसर के आवास जंगल से सटे हैं और वहां सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने बताया कि जंगल की ओर से आने वाली कई पेड़ों की टहनियां आवासों की तरफ झुकी हुई हैं। इससे परिवारों को हादसे के साथ-साथ सांप, अजगर और अन्य जहरीले जीवों का डर बना रहता है।

परिसर में एक विशालकाय सूखा पेड़ भी कई महीनों से खड़ा है। कर्मचारियों के अनुसार, पेड़ में दीमक लग चुकी है और वह जर्जर हालत में है। उनका आरोप है कि यह पेड़ कभी भी गिरकर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

दिनेश लखेड़ा के अनुसार, पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए वन विभाग और वन्यजीव प्रतिपालक को कई बार पत्र दिए गए। कर्मचारियों का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

परिवारों ने जंगल की ओर तारबाड़ कराने और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी है। उनका कहना है कि इससे आवासों के आसपास जंगली जीवों की आवाजाही और पेड़ों से जुड़े खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

इस मांग को नितिन, विक्रम राणा, मूलचंद चौधरी, रुपेश, राय सिंह, अर्पित, केदार सिंह और मुनेश ने भी जरूरी बताया। उन्होंने परिवारों की सुरक्षा के लिए पेड़ों की छंटाई और जर्जर सूखे पेड़ के संबंध में कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।

निष्कर्ष

मेला चिकित्सालय परिसर के कर्मचारियों के परिवारों ने झुकी टहनियों, जर्जर सूखे पेड़ और जंगली जीवों के खतरे का मुद्दा उठाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से वन विभाग और वन्यजीव प्रतिपालक के स्तर पर कार्रवाई कराकर छंटाई, तारबाड़ और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह मामला किस जगह का है?

यह मामला हरिद्वार के मेला चिकित्सालय परिसर का है, जहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परिवारों के साथ रहते हैं।

Q. परिवारों को किस तरह का खतरा बताया गया है?

परिवारों ने झुकी पेड़ों की टहनियों, जर्जर सूखे पेड़ और सांप, अजगर समेत अन्य जहरीले जीवों के खतरे की बात कही है।

Q. सूखे पेड़ की स्थिति कैसी बताई गई है?

कर्मचारियों के अनुसार, विशालकाय सूखे पेड़ में दीमक लगी है और वह जर्जर हो चुका है।

Q. कर्मचारियों ने किस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है?

कर्मचारियों ने वन विभाग और वन्यजीव प्रतिपालक को शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।

Q. जिलाधिकारी से क्या मांग की गई है?

जिलाधिकारी से टहनियों की छंटाई, जंगल की ओर तारबाड़ और परिवारों के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।