हल्द्वानी की राधा जीना गोबर से ईको-फ्रेंडली दीये और सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं। उनके साथ 5 महिलाएं भी इस काम में जुटी हैं। इन उत्पादों में शुभ-लाभ के प्रतीक सजावटी सामान और गेंदे के फूलों से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।
राधा जीना ने इस काम की शुरुआत छोटे स्तर पर की थी। समय के साथ उनके काम का दायरा बढ़ता गया। अब उनके बनाए उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रहे हैं।
महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की कोशिश
यह काम राधा जीना के लिए अपनी पहचान बनाने का माध्यम बना है। इसके साथ ही वह अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं। 5 महिलाएं उनके साथ उत्पाद तैयार करने में सहयोग कर रही हैं।
गोबर से बने दीये पारंपरिक त्योहारों की सजावट के साथ ईको-फ्रेंडली विकल्प पेश करते हैं। गेंदे के फूलों और शुभ-लाभ से जुड़े सजावटी उत्पाद भी त्योहारों की सजावट में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
राधा जीना ने छोटे स्तर से शुरू किए काम को आगे बढ़ाकर गोबर के दीयों और फूलों से बने सजावटी उत्पादों की पहचान बनाई है। उनका काम पर्यावरण अनुकूल सजावट को बढ़ावा देने के साथ 5 महिलाओं को रोजगार से जोड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. राधा जीना कौन से उत्पाद तैयार कर रही हैं?
राधा जीना गोबर से ईको-फ्रेंडली दीये और सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं। वह गेंदे के फूलों से जुड़े सजावटी सामान भी बनाती हैं।
Q. राधा जीना के साथ कितनी महिलाएं काम कर रही हैं?
उनके साथ 5 महिलाएं इस काम में जुटी हैं।
Q. राधा जीना ने यह काम कैसे शुरू किया था?
उन्होंने छोटे स्तर पर अपने काम की शुरुआत की थी। बाद में इसका दायरा बढ़ता गया।
Q. उनके उत्पाद कहां तक पहुंच रहे हैं?
उनके बनाए उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रहे हैं।
Q. इस काम से क्या असर हो रहा है?
इस काम से राधा जीना अपनी पहचान बना रही हैं और अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़ रही हैं।








