हल्द्वानी में अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर शुल्क स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजा है।
संगठन ने 15 जनवरी तक राहत देने के निर्णय का स्वागत किया है। हालांकि, व्यापार मंडल का कहना है कि यूपीआई पर शुल्क की व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।
व्यापार मंडल ने क्या कहा
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी अतुल कुमार गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष संतोष सिंह नेगी ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र में अपनी मांग रखी।
पत्र में कहा गया है कि यूपीआई करोड़ों व्यापारियों और आम लोगों के लेन-देन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। संगठन के अनुसार, इस पर शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
व्यापार मंडल ने इसी आधार पर एमडीआर शुल्क को स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की है। केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर आगे की कार्रवाई का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
निष्कर्ष
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई पर एमडीआर शुल्क स्थायी रूप से हटाने की मांग की है। संगठन ने 15 जनवरी तक मिली राहत का स्वागत करते हुए व्यापारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ का मुद्दा उठाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यूपीआई पर किस शुल्क को हटाने की मांग की गई है?
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर शुल्क स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की है।
Q. यह मांग किस संगठन ने उठाई है?
यह मांग अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने उठाई है।
Q. संगठन ने किसे पत्र भेजा है?
संगठन ने अपनी मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र भेजा है।
Q. संगठन ने 15 जनवरी से जुड़ा क्या कहा है?
संगठन ने 15 जनवरी तक राहत देने के निर्णय का स्वागत किया है।
Q. यूपीआई शुल्क को लेकर संगठन की मुख्य चिंता क्या है?
संगठन का कहना है कि शुल्क लगने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।









