हल्द्वानी शहर के कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के फोन हैकिंग और जान को खतरा होने के दावों की खुफिया जांच में पुष्टि नहीं हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तत्कालीन एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा को दी गई शिकायत में केवल मोबाइल हैक होने की आशंका जताई गई थी। उसमें किसी व्यक्ति का नाम या अन्य विवरण दर्ज नहीं था।
विधायक ने बुधवार की पत्रकार वार्ता में दावा किया था कि उनके और उनके परिवार के फोन टैप किए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए हैकर्स के एक गिरोह पर संदेह जताया था। विधायक ने यह भी कहा था कि कांग्रेस के 2 वरिष्ठ नेताओं को इस संबंध में जानकारी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
शिकायत और पुलिस रिकॉर्ड में अंतर
पुलिस के अनुसार, सुमित हृदयेश ने तत्कालीन एसएसपी पीएन मीणा से व्यक्तिगत तौर पर शिकायत की थी। उस समय शिकायत को सार्वजनिक नहीं किया गया था। बुधवार को विधायक ने पत्रकार वार्ता में इसका दोबारा जिक्र किया, जिसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में किसी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर या अन्य विस्तृत आरोप दर्ज नहीं था। शिकायत में सिर्फ विधायक के मोबाइल के हैक होने की आशंका जताई गई थी। तत्कालीन एसएसपी ने इस शिकायत पर खुफिया तंत्र से जांच कराई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में आरोप या आशंका की पुष्टि नहीं हुई।
विधायक सुमित हृदयेश ने पुलिस के इस पक्ष पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत में 2 लोगों के नाम और नंबर लिखित तौर पर दिए थे। उन्होंने दावा किया कि शिकायत के बाद पुलिस ने न तो उनका बयान दर्ज किया और न ही पूरे मामले की जानकारी ली।
विधायक के अनुसार, शिकायत देने के कुछ दिन बाद उन्होंने तत्कालीन एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा से कार्रवाई की स्थिति पूछी थी। सुमित हृदयेश ने कहा कि उस समय उन्हें बताया गया कि उनकी ओर से कोई डिवाइस उपलब्ध नहीं कराई गई। विधायक का कहना है कि पुलिस ने उनसे कोई डिवाइस मांगी ही नहीं थी।
तत्कालीन एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर प्रदेश से बाहर हैं। इसलिए इस मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
नई लिखित शिकायत मिलने पर जांच का भरोसा
वर्तमान एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि विधायक की पुरानी शिकायत में केवल फोन हैक होने की आशंका जताई गई थी। उनके अनुसार, विधायक की ओर से फिलहाल कोई नई तहरीर नहीं मिली है।
एसएसपी ने कहा कि यदि विधायक की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई लिखित शिकायत मिलती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। इससे स्पष्ट है कि पुलिस आगे की कार्रवाई को नई और औपचारिक शिकायत से जोड़कर देख रही है।
बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज
फोन टैपिंग और जान को खतरा होने संबंधी बयान के बाद हल्द्वानी सहित नैनीताल जिले के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस के भीतर की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत रावत ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता सुमित हृदयेश के साथ है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उनके बयान को चिंताजनक और गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर सुमित हृदयेश से बात करेंगे और पार्टी मामले को गंभीरता से ले रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे पुलिस जांच का मामला बताया। उन्होंने कहा कि सुमित हृदयेश ने पार्टी से समर्थन नहीं मांगा है और पुलिस को उनके आरोपों के मामले में सुरक्षा देनी चाहिए।
विधायक के बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस छोड़ने या किसी बड़े राजनीतिक फैसले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
आत्मदाह वाले बयान पर स्पष्टीकरण
बृहस्पतिवार की दोपहर बाद सुमित हृदयेश ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने गैरसैंण में आत्मदाह करने की बात कहे अपने शब्द वापस लेने की जानकारी दी।
विधायक ने कहा कि बुधवार को वह भावनाओं में बहकर यह बात कह गए थे और ऐसा कहना उचित नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने भी इस पर उन्हें टोका। सुमित हृदयेश ने कहा कि वह सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते। उन्होंने गोलज्यू देवता और कोटगाड़ी देवी के न्याय पर भरोसा जताया और समर्थन देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
पुलिस के अनुसार, विधायक की पुरानी शिकायत में केवल मोबाइल हैक होने की आशंका थी और खुफिया जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई। विधायक इस निष्कर्ष और जांच प्रक्रिया से असहमत हैं। अब पुलिस ने कहा है कि नई लिखित शिकायत मिलने पर मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सुमित हृदयेश ने क्या आरोप लगाए थे?
उन्होंने अपने और परिवार के फोन टैप किए जाने तथा अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था। उन्होंने हैकर्स के एक गिरोह पर संदेह भी जताया था।
Q. पुलिस रिकॉर्ड में पुरानी शिकायत में क्या लिखा था?
पुलिस के अनुसार, शिकायत में केवल विधायक के मोबाइल के हैक होने की आशंका जताई गई थी। उसमें किसी व्यक्ति का नाम या अन्य विवरण दर्ज नहीं था।
Q. खुफिया जांच का क्या निष्कर्ष रहा?
पुलिस के अनुसार, खुफिया जांच में फोन हैक होने के आरोप या आशंका की पुष्टि नहीं हुई।
Q. विधायक का पुलिस पर क्या आरोप है?
सुमित हृदयेश का कहना है कि उनके बयान दर्ज नहीं किए गए और उन्हें जांच की जानकारी भी नहीं दी गई।
Q. वर्तमान एसएसपी ने क्या कहा है?
डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि नई लिखित शिकायत मिलने पर मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।
Q. क्या विधायक ने आत्मदाह वाले बयान पर सफाई दी है?
हां। उन्होंने फेसबुक वीडियो में गैरसैंण में आत्मदाह की बात कहे अपने शब्द वापस लिए और इसे भावनाओं में कही गई बात बताया।









