हल्द्वानी के बेस अस्पताल में मरीजों के इलाज के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की दिशा में तैयारी शुरू की जा रही है। अस्पताल प्रशासन यहां डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड यानी डीएनबी कोर्स शुरू कराने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी एनएमसी के मानकों के अनुसार अस्पताल की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा।

200 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल की ओपीडी में रोज 1500 से 1600 मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में यूरोलॉजी की सुपर स्पेशलिटी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। मरीजों की संख्या और विभागों में मौजूद चिकित्सकीय व्यवस्था को डीएनबी पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

इन विभागों में कोर्स की संभावना

अस्पताल प्रशासन जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विभागों में डीएनबी कोर्स शुरू कराने की संभावनाएं देख रहा है। मेडिसिन विभाग में 4 डॉक्टर तैनात हैं। आर्थोपेडिक्स और ईएनटी विभाग में 2-2, सर्जरी विभाग में 2 तथा नेत्र विभाग में 3 डॉक्टर कार्यरत हैं।

अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों और अन्य संसाधनों के आधार पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी है। एनएमसी के मानकों के अनुरूप आकलन के दौरान जिन व्यवस्थाओं में कमी सामने आएगी, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

मंजूरी के बाद ही शुरू होगा पाठ्यक्रम

बेस अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि डीएनबी कोर्स शुरू कराने के लिए संबंधित प्राधिकरण को पत्र लिखा जा रहा है। इसके बाद मान्यता लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृति मिलने के बाद ही संबंधित विभागों में कोर्स और दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

डीएनबी पाठ्यक्रम सामान्यतः एमबीबीएस के बाद 3 वर्ष का होता है। इसमें प्रवेश नीट-पीजी परीक्षा और निर्धारित काउंसलिंग के माध्यम से होता है। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टर अस्पताल में मरीजों का इलाज करते हैं, वरिष्ठ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में काम सीखते हैं और सैद्धांतिक अध्ययन भी करते हैं।

प्रस्तावित विभागों में प्रशिक्षण मिलने से डॉक्टरों को अस्पताल आधारित चिकित्सा अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अभी कोर्स शुरू नहीं हुआ है और इसके लिए संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी जरूरी है।

निष्कर्ष

हल्द्वानी बेस अस्पताल डीएनबी कोर्स के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। पहले एनएमसी मानकों के अनुसार संसाधनों का आकलन होगा और मंजूरी मिलने के बाद ही पाठ्यक्रम तथा दाखिले शुरू किए जा सकेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हल्द्वानी बेस अस्पताल में कौन सा कोर्स शुरू कराने की तैयारी है?

डीएनबी यानी डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड कोर्स शुरू कराने की तैयारी है।

Q. अस्पताल में डीएनबी कोर्स कब शुरू होगा?

कोर्स शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी जरूरी है। स्वीकृति मिलने के बाद ही पाठ्यक्रम और दाखिले शुरू होंगे।

Q. किन विभागों में डीएनबी कोर्स की संभावना है?

जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विभागों में इसकी संभावना तलाश की जा रही है।

Q. डीएनबी पाठ्यक्रम की सामान्य अवधि कितनी होती है?

एमबीबीएस के बाद डीएनबी पाठ्यक्रम सामान्यतः 3 वर्ष का होता है।

Q. डीएनबी में प्रवेश कैसे होता है?

प्रवेश नीट-पीजी परीक्षा और निर्धारित काउंसलिंग के माध्यम से होता है।

Q. अस्पताल में रोज कितने मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं?

बेस अस्पताल की ओपीडी में रोज 1500 से 1600 मरीज पहुंचते हैं।