उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शुक्रवार को प्राचीन आदि बद्री मां भगवती मंदिर में आग लग गई। यह मंदिर कपकोट तहसील के दूरस्थ बड़ियाकोट गांव में स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग से मुख्य मंदिर को नुकसान पहुंचा है।
आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी में आग से किसी व्यक्ति के हताहत होने या राहत-बचाव कार्रवाई का विवरण नहीं है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है।
लकड़ी की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है मंदिर
आदि बद्री मां भगवती मंदिर अपनी पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी भगवती ने इसी स्थान के पास राक्षस निशुंभ का वध किया था।
बड़ियाकोट गांव की दूरस्थ स्थिति के कारण घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल पुष्टि किए गए तथ्यों में आग लगना, मुख्य मंदिर को नुकसान और आग का कारण स्पष्ट न होना शामिल है।
निष्कर्ष
बागेश्वर के बड़ियाकोट स्थित प्राचीन आदि बद्री मां भगवती मंदिर में शुक्रवार को आग लगी। प्रारंभिक रिपोर्ट में मुख्य मंदिर को नुकसान की बात सामने आई है, जबकि आग लगने का कारण अभी अज्ञात है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. आग कहां लगी?
आग बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील के बड़ियाकोट गांव स्थित प्राचीन आदि बद्री मां भगवती मंदिर में लगी।
Q. मंदिर को कितना नुकसान हुआ है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मुख्य मंदिर को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का विस्तृत आकलन उपलब्ध नहीं है।
Q. आग लगने का कारण क्या है?
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
Q. मंदिर किस वजह से प्रसिद्ध है?
मंदिर अपनी पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और क्षेत्र में आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है।
Q. मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता क्या है?
स्थानीय मान्यता है कि देवी भगवती ने मंदिर के पास राक्षस निशुंभ का वध किया था।









