उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि देवभूमि की संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और पवित्रता को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। देहरादून में 20 अक्टूबर 2026 को दिए बयान में उन्होंने सरकार की कार्रवाई और अंकिता भंडारी मामले में हुई कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख किया।

धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने कथित ‘लैंड जिहाद’, ‘लव जिहाद’, जबरन धर्मांतरण और दंगे भड़काने जैसे मुद्दों से निपटने के लिए कानून बनाए हैं। उन्होंने इन कदमों को राज्य की संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था की रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है।

जमीन और अवैध निर्माण पर कार्रवाई का दावा

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सरकार ने 13,000 एकड़ से ज्यादा जमीन वापस ली है। उन्होंने यह भी कहा कि 200 से ज्यादा अवैध रूप से चल रहे मदरसों को बंद किया गया है।

धामी ने 500 से ज्यादा अनधिकृत ढांचे पूरी तरह गिराए जाने की बात भी कही। ये आंकड़े मुख्यमंत्री ने सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए बताए। बयान में इन कार्रवाइयों की अलग-अलग जगह या तारीख की जानकारी नहीं दी गई।

उन्होंने ‘ऑपरेशन कलनेमि’ का भी जिक्र किया। धामी ने कहा कि इस अभियान के तहत धर्म और नैतिकता के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले पाखंडियों और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

अंकिता भंडारी मामले पर विपक्ष को जवाब

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अंकिता भंडारी मामले का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंकिता पूरे उत्तराखंड की बेटी थीं और उनकी मौत से पूरा राज्य गहरे दुख में था।

धामी के अनुसार, सरकार ने घटना के पहले ही दिन मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को जेल भेजा गया, विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की गई और अदालत में 500 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में तीनों आरोपी जेल में हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

धामी ने कहा कि सरकार का रुख शुरुआत से स्पष्ट रहा है। उनके मुताबिक, सरकार अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में सरकार की सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर कार्रवाई के साथ अंकिता भंडारी मामले की जांच और अदालती प्रक्रिया का पक्ष रखा। उन्होंने 13,000 एकड़ से ज्यादा जमीन वापस लेने, 200 से ज्यादा मदरसे बंद करने और 500 से ज्यादा अनधिकृत ढांचे गिराने का दावा किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बयान कहां दिया?

देहरादून में मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया। इसे 20 अक्टूबर 2026 को साझा किया गया।

Q. धामी ने जमीन से जुड़ी कौन-सी जानकारी दी?

उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान में 13,000 एकड़ से ज्यादा जमीन वापस ली गई है।

Q. मदरसों को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

धामी ने 200 से ज्यादा अवैध रूप से चल रहे मदरसों को बंद किए जाने की बात कही।

Q. अनधिकृत ढांचों पर क्या कार्रवाई बताई गई?

मुख्यमंत्री के अनुसार, 500 से ज्यादा अनधिकृत ढांचे पूरी तरह गिराए गए हैं।

Q. अंकिता भंडारी मामले में सरकार ने क्या कदम बताए?

धामी ने आरोपियों को जेल भेजने, एसआईटी गठित करने और अदालत में 500 पन्नों की रिपोर्ट दाखिल करने की जानकारी दी।

Q. अंकिता भंडारी मामले में आरोपियों की स्थिति क्या बताई गई?

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों आरोपी जेल में हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

Q. सीबीआई जांच को लेकर क्या कहा गया?

धामी ने बताया कि पीड़ित परिवार की भावनाओं के सम्मान में सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है।