देहरादून में अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पोस्ट-मानसून चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन को सक्रिय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मशीनरी को फिर से पटरी पर लाने की जरूरत बताई। उन्होंने अधिकारियों से जनता से सीधे जुड़ने वाली पहल शुरू करने को कहा, ताकि स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय पर मिले और उनका समाधान किया जा सके।
जन चौपाल और तहसील दिवस पर जोर
धामी ने जन चौपाल और तहसील दिवस जैसी पहल शुरू करने के निर्देश दिए। इन माध्यमों के जरिए प्रशासन को लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को छोटी समस्याओं का भी तुरंत संज्ञान लेकर समाधान करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र में मौजूद रहने को कहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों की फील्ड में सक्रियता से स्थानीय मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई हो सकेगी। हालांकि, बैठक में इन पहलों को शुरू करने की कोई तारीख नहीं बताई गई।
बीडीसी बैठकों का रोस्टर बनाने को कहा
मुख्यमंत्री ने बीडीसी यानी ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल की बैठकों के लिए रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने तय कार्यक्रम के अनुसार इन बैठकों को आयोजित करने पर जोर दिया।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक कामकाज पर चर्चा को नियमित बनाना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैठक में रोस्टर तैयार करने और बैठकें आयोजित करने की बात कही गई, लेकिन किसी ब्लॉक या जिले का अलग से उल्लेख नहीं किया गया।
रात्रि चौपाल और युवाओं के अवसर
धामी ने रात्रि चौपाल आयोजित करने की बात भी कही। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से जुड़े अवसरों की कोई अलग योजना, संख्या या समयसीमा साझा नहीं की।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार जनता से सीधे संवाद करने का प्रयास कर रही है। इस संवाद के जरिए मंत्रिमंडल के फैसलों और अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। बयान में सड़क सुधार, चौपालों, बीडीसी बैठकों या अधिकारियों की फील्ड मौजूदगी के लिए किसी विभाग, जिले या समयसीमा का अलग से जिक्र नहीं है।
निष्कर्ष
धामी ने पोस्ट-मानसून नुकसान और जनजीवन में आई रुकावट के बीच प्रशासन को क्षेत्र में सक्रिय करने पर जोर दिया है। जन चौपाल, तहसील दिवस, रात्रि चौपाल और बीडीसी बैठकों के जरिए सरकार जनता से सीधा संवाद बढ़ाना चाहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में किस मुद्दे पर जोर दिया?
उन्होंने पोस्ट-मानसून चुनौतियों के बाद प्रशासनिक मशीनरी को फिर से सक्रिय करने पर जोर दिया।
Q. पोस्ट-मानसून अवधि में उत्तराखंड में क्या समस्याएं बताई गईं?
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अवधि में सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है।
Q. जन चौपाल और तहसील दिवस को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने इन पहलों को शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासन जनता से सीधे जुड़ सके।
Q. बीडीसी बैठकों के बारे में क्या कहा गया?
बीडीसी बैठकों का रोस्टर तैयार करने और उनके आयोजन के निर्देश दिए गए।
Q. अधिकारियों से क्या अपेक्षा की गई है?
उन्हें मैदान में रहकर छोटी समस्याओं का तुरंत संज्ञान लेने और उनका समाधान करने को कहा गया है।
Q. सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार क्या प्रयास कर रही है?
सरकार जनता से सीधे संवाद कर मंत्रिमंडल के फैसलों और महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों की जानकारी देने का प्रयास कर रही है।










