देहरादून में बेटे को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 5 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता हीरा बल्लभ पांडेय का आरोप है कि हल्द्वानी निवासी दीपक उर्फ गोविंद सिंह नयाल ने खुद को सेना का मेजर बताया था। रकम मिलने के बाद आरोपी ने बातचीत बंद कर दी।
शिकायत के आधार पर कैंट पुलिस ने दीपक उर्फ गोविंद सिंह नयाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी हल्द्वानी के मानपुर देलवचौड़ का रहने वाला है। शिकायतकर्ता पिथौरागढ़ निवासी हैं।
रकम कैसे दी गई
हीरा बल्लभ पांडेय ने पुलिस को बताया कि आरोपी से उनकी पहचान होने के बाद बेटे की नौकरी के संबंध में बातचीत हुई थी। नौकरी लगवाने का भरोसा देकर आरोपी ने उनसे अलग-अलग मौकों पर पैसे लिए।
शिकायत में दी गई जानकारी के मुताबिक, कुल रकम में 3,59,600 रुपये ऑनलाइन भेजे गए। इसके अलावा 1,40,400 रुपये नकद दिए गए। दोनों रकम मिलाकर भुगतान 5 लाख रुपये का था।
पांडेय का कहना है कि पैसे देने के बाद उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की। इस दौरान मोबाइल स्विच ऑफ मिलने लगा और कई बार कॉल करने पर भी बात नहीं हो सकी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अब रकम लौटाने से बच रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कैंट पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी अपर उपनिरीक्षक संजय कुमार को दी गई है।
मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, रकम के लेन-देन और आरोपी से संपर्क से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी आरोपी की गिरफ्तारी या अदालत के फैसले की कोई पुष्टि नहीं है।
निष्कर्ष
शिकायत के अनुसार, सेना का मेजर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लिए गए और बाद में संपर्क बंद कर दिया गया। कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर जांच अपर उपनिरीक्षक संजय कुमार को सौंपी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला कहां का है?
यह मामला देहरादून का है और इसकी जांच कैंट पुलिस कर रही है।
Q. शिकायतकर्ता कौन हैं?
शिकायतकर्ता हीरा बल्लभ पांडेय हैं, जो पिथौरागढ़ निवासी बताए गए हैं।
Q. आरोपी ने क्या दावा किया था?
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने खुद को सेना में मेजर बताया था।
Q. कितनी रकम लेने का आरोप है?
आरोपी पर कुल 5 लाख रुपये लेने का आरोप है। इसमें 3,59,600 रुपये ऑनलाइन और 1,40,400 रुपये नकद दिए गए।
Q. पैसे लेने के बाद क्या हुआ?
शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम मिलने के बाद आरोपी का फोन बंद आने लगा और कॉल का जवाब नहीं मिला।
Q. पुलिस ने कौन-सी धाराओं में केस दर्ज किया है?
कैंट पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
Q. जांच किस अधिकारी को सौंपी गई है?
मामले की जांच अपर उपनिरीक्षक संजय कुमार को सौंपी गई है।










