देहरादून के राजपुर इलाके में निवेश के नाम पर रिश्तेदार से एक करोड़ 9 लाख 94 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता रविंद्र सिंह ने सिद्धार्थ बख्शी उर्फ हनी पर रकम वापस न करने और धमकाने का आरोप लगाया है। कोर्ट की दखल के बाद राजपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अलग-अलग तरीकों से दी रकम
रविंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी ने नया कारोबार शुरू करने और अच्छा मुनाफा दिलाने की बात कहकर निवेश के लिए पैसे मांगे थे। 28 जून 2021 से 3 फरवरी 2022 के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन 84.94 लाख रुपये भेजे। इसके अलावा 5 लाख रुपये चेक से और 20 लाख रुपये नकद दिए गए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि शुरुआत में आरोपी मुनाफा देने और मूल रकम लौटाने की बात करता रहा। बाद में न तो कारोबार से जुड़े मुनाफे का हिसाब दिया गया और न ही मूलधन वापस किया गया। पैसे मांगने पर धमकी देने, फोन न उठाने और नंबर ब्लॉक करने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
रविंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके बड़े भाई सुरेंद्र सिंह से भी आरोपी ने करीब 55.77 लाख रुपये लिए हैं। इस रकम के संबंध में भी शिकायतकर्ता ने पुलिस को जानकारी दी है।
संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी लेने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उनकी संपत्ति से जुड़ी पावर ऑफ अटॉर्नी भी हासिल की थी। इसके बाद संपत्ति के कुछ हिस्से बेच दिए गए। आरोप है कि बिक्री से मिली रकम का हिसाब नहीं दिया गया और पूरी राशि आरोपी ने अपने पास रख ली। बाद में पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त कर दी गई।
कई शिकायतों के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
रविंद्र सिंह ने पहले राजपुर थाने और आईटी पार्क चौकी में शिकायत की। इसके बाद 27 मार्च 2026 को एसएसपी देहरादून को शिकायत दी गई। 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने 27 अप्रैल, 1 मई, 30 जून और 17 जुलाई को ईमेल भेजने का भी दावा किया है।
22 जुलाई को राजपुर थाने में डाक से दोबारा शिकायत भेजी गई, जो 25 जुलाई को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन प्रयासों के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत कोर्ट से एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की।
बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की जांच होगी
कोर्ट की दखल के बाद राजपुर पुलिस ने सिद्धार्थ बख्शी उर्फ हनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अब पुलिस बैंक लेनदेन, चेक और दूसरे दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर लेकर उनकी जांच करेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
निष्कर्ष
शिकायतकर्ता ने निवेश, संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी और रकम वापस मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने कोर्ट की दखल के बाद केस दर्ज कर वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला किस इलाके का है?
यह मामला देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र का है।
Q. शिकायतकर्ता ने कितनी रकम देने की बात कही है?
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने कुल एक करोड़ 9 लाख 94 हजार रुपये दिए। इसमें 84.94 लाख रुपये ऑनलाइन, 5 लाख रुपये चेक से और 20 लाख रुपये नकद शामिल हैं।
Q. आरोपी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोपी पर निवेश के नाम पर रकम लेने, उसे वापस न करने, धमकाने और फोन नंबर ब्लॉक करने के आरोप हैं। संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर कुछ हिस्सा बेचने का आरोप भी लगाया गया है।
Q. पुलिस ने मुकदमा कब दर्ज किया?
राजपुर पुलिस ने कोर्ट की दखल के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
Q. जांच में किन चीजों को शामिल किया जाएगा?
पुलिस बैंक लेनदेन, चेक और दूसरे दस्तावेजों की जांच करेगी। इन्हें मामले में साक्ष्य के तौर पर देखा जाएगा।










