देहरादून में कांग्रेस और NSUI से जुड़े 50 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ 2 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ये कार्रवाई एसएसपी कैंप कार्यालय और आवास के बाहर हुए प्रदर्शनों को लेकर हुई है। मामलों में सड़क रोकने, नारेबाजी, पुलिस से धक्का-मुक्की और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

मामला डीएवी छात्र संघ चुनाव से पहले का है। पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर की देर रात एसएसपी कैंप कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन के बाद कार्रवाई की गई। दूसरा मुकदमा डालनवाला थाने में FIR संख्या 0166 के रूप में दर्ज किया गया है।

कोतवाली नगर में 5 नामजद

कोतवाली नगर में दर्ज मामले में आयुष गुप्ता उर्फ बंटी, विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू, सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू, मुकेश बसड़ा और अभिनव कफालिया को नामजद किया गया है। इनके अलावा 15-20 अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है।

FIR के मुताबिक, हाथीबड़कला बैरियर के पास करीब 15-20 लोग सड़क पर बैठकर नारे लगा रहे थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए समझाया गया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर यातायात सामान्य कराया।

इस मामले में पुलिस ने BNS की धारा 126(2), 132, 189(3), 191(2), 221 और 223 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की का भी आरोप लगाया है।

डालनवाला केस में 11 नामजद

डालनवाला थाने के मुकदमे में कांग्रेस प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू, नगर निगम पार्षद आयुष गुप्ता उर्फ बंटी, NSUI छात्र नेता सौरभ सेमवाल और नगर निगम पार्षद रॉबिन त्यागी उर्फ अजय त्यागी नामजद हैं।

इस केस में जिलाउपाध्यक्ष प्रियान्शु गौड, पूर्व DAV कॉलेज छात्र अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष तेजस्वी राणा और कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पासी के नाम भी शामिल हैं। NSUI जिलाउपाध्यक्ष नितिन नेगी, NSUI कार्यकर्ता दक्ष रावत और कांग्रेस कार्यकर्ता अभिषेक डोबिरियाल को भी आरोपी बनाया गया है। इनके साथ 15-20 अज्ञात कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं का उल्लेख है।

पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को करीब एक बजे कांग्रेस भवन से बिना अनुमति वाहनों की रैली निकली। प्रदर्शनकारी राजपुर रोड स्थित एसएसपी आवास पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गेट के पास रोककर समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।

आरोप है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर इकट्ठा हुए और यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने धक्का-मुक्की, नारेबाजी और एसएसपी आवास की ओर बढ़ने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। FIR में भविष्य में देख लेने की धमकी देने का आरोप भी दर्ज है।

इस मामले में BNS की धारा 3(5), 189(2), 191(2), 190, 132, 221, 223, 285, 351(2) और 125(एक) लगाई गई हैं। उपलब्ध जानकारी में किसी आरोपी की गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है।

निष्कर्ष

देहरादून में हुए दोनों प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने कुल 16 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस के आरोप FIR में दर्ज हैं और उपलब्ध जानकारी में आगे की जांच की स्थिति नहीं बताई गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. देहरादून में कितने लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं?

दोनों मामलों में 16 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों का उल्लेख है। कुल संख्या 50 से ज्यादा बताई गई है।

Q. मुकदमे किन संगठनों से जुड़े लोगों पर हैं?

मामलों में कांग्रेस और NSUI से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।

Q. पहला प्रदर्शन कहां हुआ था?

पहला मामला हाथीबड़कला बैरियर के पास हुए प्रदर्शन और एसएसपी कैंप कार्यालय के घेराव से जुड़ा है।

Q. डालनवाला थाने का मुकदमा किस घटना से संबंधित है?

यह मामला 2 अक्टूबर को कांग्रेस भवन से एसएसपी आवास तक निकली वाहन रैली और प्रदर्शन से जुड़ा है।

Q. पुलिस ने क्या आरोप लगाए हैं?

पुलिस ने सड़क बाधित करने, नारेबाजी, धक्का-मुक्की, सरकारी काम में बाधा और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं।

Q. क्या किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है?

उपलब्ध जानकारी में किसी आरोपी की गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है।