देहरादून में उत्तराखंड लोक विरासत का छठा वार्षिक कार्यक्रम 28 और 29 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, हरिद्वार बाईपास में होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके मुख्य अतिथि होंगे।
आयोजन का उद्देश्य सुदूर पर्वतीय अंचल के कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने के लिए मंच देना है। कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक विरासत और लोकरंग से जुड़े कई आयोजन रखे गए हैं।
लोक संगीत और हस्तशिल्प रहेगा आकर्षण
2 दिवसीय कार्यक्रम में लोक संगीत, पहाड़ी खान-पान और हस्तशिल्प प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा पदमश्री लोक गायक प्रीतम भरतवान का ढोल नाद भी प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम में दिग्गज लोक कलाकारों की म्यूजिक नाइट भी आयोजित होगी। इससे उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक शिल्प को एक ही मंच पर जगह मिलेगी।
उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉक्टर केपी जोशी ने प्रेस क्लब में हुई प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों की मदद भी की जाएगी।
निष्कर्ष
28 और 29 नवंबर का यह आयोजन पर्वतीय कलाकारों को मंच देने के साथ उत्तराखंड के लोक संगीत, खान-पान और हस्तशिल्प को सामने लाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड लोक विरासत का कार्यक्रम कब होगा?
28 और 29 नवंबर को उत्तराखंड लोक विरासत का छठा वार्षिक कार्यक्रम आयोजित होगा।
Q. कार्यक्रम का आयोजन कहां किया जाएगा?
कार्यक्रम सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, हरिद्वार बाईपास, देहरादून में होगा।
Q. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन होंगे?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।
Q. आयोजन में किन गतिविधियों को शामिल किया गया है?
कार्यक्रम में लोक संगीत, पहाड़ी खान-पान, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, ढोल नाद और म्यूजिक नाइट होगी।
Q. प्रीतम भरतवान कार्यक्रम में क्या प्रस्तुत करेंगे?
पद्मश्री लोक गायक प्रीतम भरतवान का ढोल नाद कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
Q. इस आयोजन का उद्देश्य क्या है?
कार्यक्रम के जरिए सुदूर पर्वतीय अंचल के कलाकारों को मंच देने और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों की मदद करने का लक्ष्य है।









