देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर लूट का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घर में करीब 25 दिन पहले रखा गया नौकर भरत थापा परिवार को बेहोश करने के बाद साथियों के साथ सामान लेकर फरार हो गया।

परिवार के 3 सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। शिकायत के मुताबिक, एक लॉकर से 3 लाख रुपये नकद और दूसरे लॉकर को तोड़कर करीब 30 से 40 लाख रुपये के गहने ले जाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रात में खुली आंख तो घर में चल रही थी लूट

महीपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि खाना खाने के बाद उन्हें होश नहीं रहा। रात करीब एक:20 बजे आंख खुली तो कमरे में भरत और 2 अन्य लोग दिखाई दिए। उस समय उनका शरीर ठीक से साथ नहीं दे रहा था और वह तत्काल विरोध नहीं कर सके।

उनके मुताबिक, बिस्तर से उठने पर घर में मौजूद लोग बाहर निकलकर भागने लगे। वह अपना मोबाइल भी नहीं खोज पाए। किसी तरह पड़ोसी के घर पहुंचे और बोलने में परेशानी के बावजूद इशारों से घटना समझाई। इसके बाद पड़ोसी उनके साथ घर आया और पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान पार्षद, उनके पति और बेटे को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया था। नौकर ने बाद में अन्य लोगों को घर बुलाया और लूटपाट की।

दिल्ली में भी दर्ज है डकैती का मामला

जांच में सामने आया है कि भरत थापा पहले दिल्ली की डकैती की एक वारदात में जेल जा चुका है। वह करीब एक साल दिल्ली की जेल में रहा था। रिहाई के बाद वह अपने देश चला गया था और लौटने पर दूसरी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए देहरादून में काम पर आया।

पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। भरत के नेपाल जाने की आशंका के चलते उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर निगरानी और चेकिंग बढ़ाई गई है। मोबाइल सर्विलांस के जरिए भी उसकी तलाश की जा रही है।

ऑनलाइन एजेंसी के जरिए मिला था काम

पुलिस के मुताबिक, पार्षद की बेटी मेघा दिल्ली में नौकरी करती हैं। उन्होंने ऑनलाइन जानकारी लेने के बाद दिल्ली के संजीव नाम के व्यक्ति से संपर्क किया था। संजीव ने भरत को घरेलू काम के लिए भेजा था।

परिवार ने नौकर का स्थानीय थाने से पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। पुलिस का कहना है कि भरत ने कम समय में परिवार का भरोसा हासिल किया और इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।

एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि नौकर उपलब्ध कराने वाले दिल्ली के प्लेसमेंट एजेंट से भी पूछताछ की जाएगी। एजेंसी ने पुलिस सत्यापन के बिना भरत को काम पर भेजा था या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है।

निष्कर्ष

बसंत विहार की इस वारदात में पुलिस परिवार को बेहोश करने, लूट की रकम और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की कड़ियां जोड़ रही है। भरत थापा की तलाश के साथ प्लेसमेंट एजेंसी की भूमिका की जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. वारदात किस इलाके में हुई?

यह मामला देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार भाजपा पार्षद अमिता सिंह का है।

Q. परिवार से क्या लूटा गया?

एक लॉकर से 3 लाख रुपये नकद और दूसरे लॉकर से करीब 30 से 40 लाख रुपये के गहने ले जाए गए।

Q. आरोपी नौकर का नाम क्या है?

पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम भरत थापा है। उसे करीब 25 दिन पहले घरेलू काम के लिए रखा गया था।

Q. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?

हां, पुलिस जांच में उसके दिल्ली की डकैती के एक मामले में करीब एक साल जेल में रहने की जानकारी सामने आई है।

Q. पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

सीमा पर चेकिंग बढ़ाई गई है और मोबाइल सर्विलांस के साथ उसके संपर्कों व संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।

Q. प्लेसमेंट एजेंसी की भी जांच होगी?

हां, दिल्ली के प्लेसमेंट एजेंट से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि बिना सत्यापन के नौकर कैसे भेजा गया।