दिल्ली में कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर दुष्यंत गौतम के कथित बयान पर सवाल उठाए हैं। सप्पल ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि मामला बंद हो चुका है और आरोपियों को सजा मिल गई है।
पीटीआई वीडियो में सप्पल ने दावा किया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के बाद 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उनके मुताबिक, इसके बाद दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया, जिसके बाद उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन हुए और जनवरी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच शुरू हुई।
सप्पल ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने 10 महीने में कोई प्रगति नहीं की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने अंकिता भंडारी के पिता से पहली बार 9 अक्टूबर को संपर्क किया था और अगले ही दिन दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया। इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया स्रोत सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
फोन रिकॉर्ड और जांच पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि अंकिता भंडारी की वाट्सऐप चैट बरामद कर अदालत में पेश की गई, लेकिन पुलकित आर्या के फोन रिकॉर्ड की जांच नहीं की गई। सप्पल के अनुसार, इन रिकॉर्ड से यह पता चल सकता था कि किन भाजपा नेताओं की इसमें भूमिका थी और सबूत नष्ट करने का आदेश किसने दिया।
यह बयान एक राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आया है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सीबीआई जांच की वर्तमान स्थिति क्या है, फोन रिकॉर्ड की जांच क्यों नहीं हुई या सप्पल के आरोपों पर जांच एजेंसी और भाजपा का आधिकारिक पक्ष क्या है।
सप्पल ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक जनता चुप नहीं रहेगी। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि स्रोत सामग्री में नहीं है।
मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एसआईटी जांच के बाद 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद सामने आए सवालों और विरोध प्रदर्शनों के बीच जनवरी में सीबीआई जांच शुरू होने का दावा किया गया है। सीबीआई की कथित धीमी प्रगति और जांच के दायरे को लेकर कांग्रेस ने अब सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
निष्कर्ष
गुरदीप सिंह सप्पल ने अंकिता भंडारी मामले को बंद मानने के दावे का विरोध किया है। उन्होंने सीबीआई जांच, फोन रिकॉर्ड और कथित सबूतों से जुड़े सवाल उठाए, जबकि उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अंकिता भंडारी मामले पर बयान किसने दिया?
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने यह बयान दिया है।
Q. सप्पल ने किस दावे को गलत बताया?
उन्होंने मामले के बंद होने और आरोपियों को सजा मिलने के दावे को गलत बताया।
Q. मामले में कितने लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी?
सप्पल के अनुसार, एसआईटी जांच के बाद 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
Q. सीबीआई जांच कब शुरू होने का दावा किया गया है?
सप्पल ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के बाद जनवरी में सीबीआई जांच शुरू हुई थी।
Q. सप्पल ने किस फोन रिकॉर्ड की जांच पर सवाल उठाया?
उन्होंने पुलकित आर्या के फोन रिकॉर्ड की जांच नहीं होने पर सवाल उठाया।
Q. सप्पल ने सीबीआई की जांच को लेकर क्या कहा?
उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने 10 महीने में कोई प्रगति नहीं की है।













