चंपावत में पीटने और हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने 3 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। मंगलवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को संदेह से परे सटीक रूप से साबित नहीं कर सका।
अदालत ने पूरन राम टम्टा, संजय राम टम्टा और सागर कुमार टम्टा को संदेह का लाभ दिया। तीनों के खिलाफ पाटी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले के अनुसार, 25 नवंबर 2022 को पाटी थाने में जनकांडे निवासी पूरन राम टम्टा (70), संजय राम टम्टा (40) और सागर कुमार टम्टा (22) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उन पर हमला करने के बाद हत्या का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद 26 नवंबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 328 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
16 जनवरी 2023 को मिली थी जमानत
तीनों आरोपियों को न्यायालय से 16 जनवरी 2023 को जमानत मिली थी। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना गया और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 नवंबर 2022 को आरोपियों ने गिरीश लाल टम्टा के साथ मारपीट की थी। आरोप यह भी था कि उन्हें शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। इसके अगले दिन, 25 नवंबर 2022 को गिरीश लाल टम्टा की मौत हो गई थी।
मंगलवार को अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इसका मतलब है कि इस मामले में अदालत ने अभियोजन के आरोपों को दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं माना।
निष्कर्ष
चंपावत की अदालत ने गिरीश लाल टम्टा की मौत से जुड़े मामले में तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया। अदालत के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. इस मामले में अदालत का फैसला क्या रहा?
अदालत ने पूरन राम टम्टा, संजय राम टम्टा और सागर कुमार टम्टा को दोषमुक्त कर दिया।
Q. तीनों आरोपियों को किस आधार पर दोषमुक्त किया गया?
अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ दिया। अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
Q. मामला किस थाने में दर्ज हुआ था?
इस मामले में 25 नवंबर 2022 को पाटी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
Q. आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराएं लगाई गई थीं?
पुलिस ने धारा 302 और 328 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
Q. गिरीश लाल टम्टा की मौत कब हुई थी?
गिरीश लाल टम्टा की मौत 25 नवंबर 2022 को हुई थी।









