आदिबदरी के कंवासेरा-थापली मार्ग पर चल रहे डामरीकरण और दीवार निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। खिल स्थान पर बनाई गई एक दीवार निर्माण पूरा होने के 2 दिन बाद ही ढह गई। इस सड़क कार्य की लागत 85 लाख रुपये बताई गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता विजयेश नवानी ने दीवार गिरने के लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि मार्ग पर बनाई गई अन्य दीवारों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नवानी ने पक्की चट्टान तोड़कर पत्थरों के उत्खनन पर भी चिंता जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से निर्माण में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने और पत्थर निकालने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
लोनिवि करेगा मौके का निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता अनुराग बैंजवाल ने कहा कि विभाग जल्द मौके का निरीक्षण करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य की स्थिति और दीवार ढहने के कारणों पर विभागीय स्तर पर जानकारी सामने आएगी।
निष्कर्ष
आदिबदरी कंवासेरा-थापली मार्ग पर 85 लाख रुपये के काम के तहत बनी दीवार 2 दिन में ढहने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। अब लोक निर्माण विभाग के मौके पर निरीक्षण से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. आदिबदरी में दीवार कहां ढही?
खिल स्थान पर बनाई गई दीवार निर्माण के 2 दिन बाद ढह गई।
Q. सड़क और दीवार निर्माण कार्य की लागत कितनी है?
कंवासेरा-थापली मार्ग पर चल रहे काम की लागत 85 लाख रुपये है।
Q. दीवार गिरने पर किसने सवाल उठाए?
सामाजिक कार्यकर्ता विजयेश नवानी ने निर्माण गुणवत्ता और ठेकेदार की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए।
Q. विजयेश नवानी ने क्या मांग की?
उन्होंने निर्माण मानकों का पालन सुनिश्चित करने और पत्थर निकालने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
Q. लोक निर्माण विभाग ने क्या कहा?
लोनिवि के जेई अनुराग बैंजवाल ने जल्द मौके का निरीक्षण करने और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।











