उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने सोमवार को चमोली जिले में काली फीती बांधकर विरोध जताया। गोपेश्वर जिला कार्यालय के साथ सभी तहसीलों के कर्मचारी भी इस विरोध में शामिल रहे। कर्मचारियों ने नियमित सरकारी काम करते हुए अपनी नाराजगी दर्ज कराई।

संघ के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह नेगी और जिला मंत्री गिरिजा प्रसाद कोटियाल ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनके अनुसार, सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। पदाधिकारियों ने मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

संघ ने कलेक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन को प्रमुख मांगों में शामिल किया है। यह मामला 2005 से लंबित बताया गया है। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट को विशिष्ट विभाग का दर्जा देने की भी मांग की है।

इसके अलावा कनिष्ठ सहायक पद के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, ग्रेड पे में संशोधन और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी बनाने की मांग रखी गई है। नायब तहसीलदार पदोन्नति में 10% कोटा देने की मांग भी इसमें शामिल है।

संघ रिक्त पदों पर समयबद्ध पदोन्नति और लंबित स्थानांतरणों का समाधान चाहता है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों पर फैसला नहीं होने से उनकी समस्याएं बनी हुई हैं।

17 अक्टूबर को काम बंद करने की तैयारी

घोषित कार्यक्रम के अनुसार, कर्मचारी 12 से 14 अक्टूबर तक काली फीती बांधकर काम करेंगे। इसके बाद 17 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर एक दिन का धरना दिया जाएगा। इस दौरान पूरा काम बंद रखने की योजना है।

कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजेंगे। संघ ने कहा है कि यदि मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

निष्कर्ष

चमोली में कलेक्ट्रेट कर्मचारी लंबित मांगों के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। 17 अक्टूबर को धरने और काम बंद करने के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में संघ ने आंदोलन बढ़ाने की बात कही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चमोली में किस कर्मचारी संगठन ने विरोध किया?

उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया।

Q. कर्मचारियों ने विरोध किस तरह जताया?

कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर सरकारी काम करते हुए विरोध दर्ज कराया।

Q. विरोध में कौन-कौन से कर्मचारी शामिल हुए?

गोपेश्वर जिला कार्यालय और चमोली जिले की सभी तहसीलों के कर्मचारी इसमें शामिल हुए।

Q. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

मांगों में 2005 से लंबित कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन, विशिष्ट विभाग का दर्जा, ग्रेड पे संशोधन और पदोन्नति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

Q. 17 अक्टूबर को कर्मचारी क्या करेंगे?

17 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर एक दिन का धरना दिया जाएगा और पूरा काम बंद रखा जाएगा।

Q. मांगें नहीं मानी गईं तो संघ का क्या रुख होगा?

संघ ने कहा है कि फैसला नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।