पटना में बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसके implementation पर हस्ताक्षर किए हैं।
सरावगी के अनुसार, उत्तराखंड के बाद गुजरात देश का दूसरा राज्य होगा, जहां समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने इसे संविधान में बताए गए समानता के सिद्धांत से जोड़ते हुए कहा कि यह व्यवस्था सभी नागरिकों के लिए बराबरी का आधार देती है।
संजय सरावगी ने क्या कहा
बीजेपी नेता ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे को कुछ लोग राजनीति में वोट बैंक के नजरिये से देखते हैं, जबकि इसका मकसद सभी को समान अधिकार देना है।
सरावगी ने यह भी कहा कि संविधान सबके लिए समानता की बात करता है। उनके बयान में समान नागरिक संहिता को इसी संवैधानिक भावना से जुड़ा कदम बताया गया है।
गुजरात में इस व्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति की मंजूरी और राज्य में इसे लागू किए जाने की बात उनके बयान का मुख्य केंद्र रही। कानून लागू होने की विस्तृत प्रक्रिया, तारीख या इसके प्रावधानों का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
समान नागरिक संहिता को लेकर बयान का असर
समान नागरिक संहिता का मुद्दा देश में लंबे समय से राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहा है। सरावगी के बयान में इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव के बजाय नागरिकों के लिए समान व्यवस्था के रूप में पेश किया गया है।
उत्तराखंड और गुजरात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात ऐसा दूसरा राज्य होगा, जहां यह व्यवस्था लागू होगी। बिहार बीजेपी अध्यक्ष का यह बयान पटना में दिया गया।
निष्कर्ष
संजय सरावगी ने गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का समर्थन किया और इसे समानता से जुड़ा कदम बताया। उपलब्ध जानकारी में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया या लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गुजरात में किस व्यवस्था को लागू किए जाने की बात कही गई है?
संजय सरावगी ने गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की बात कही है।
Q. इस संबंध में राष्ट्रपति का क्या उल्लेख किया गया?
सरावगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात में इसे लागू करने पर हस्ताक्षर किए हैं।
Q. गुजरात से पहले किस राज्य का नाम लिया गया?
बयान में उत्तराखंड का नाम लिया गया है। गुजरात को उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य बताया गया है।
Q. संजय सरावगी के मुताबिक समान नागरिक संहिता का उद्देश्य क्या है?
उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समानता देना है।
Q. क्या सरावगी ने इसे किसी धर्म के खिलाफ बताया?
नहीं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म के खिलाफ नहीं है।











