दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार तड़के रिहा कर दिया गया। 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 2022 में उत्तराखंड में हत्या हुई थी। उनके माता-पिता इस मामले में न्याय की मांग कर रहे थे।
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने माता-पिता की हिरासत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले 4 साल से अपनी बेटी के लिए न्याय पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
चिब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों को शिक्षित और सुरक्षित रखने की बात करती है, लेकिन अंकिता के मामले में परिवार को न्याय नहीं मिला।
चिब ने यह दावा भी किया कि नरेंद्र मोदी ने आरोपी को संरक्षण दिया है और इसी वजह से बलात्कार के आरोप में उसे गिरफ्तार करना संभव नहीं हो पा रहा। यह चिब का राजनीतिक आरोप है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या किसी अदालत का निष्कर्ष की जानकारी अभी नहीं है।
प्रदर्शन और हिरासत का घटनाक्रम
अंकिता के माता-पिता दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। कुछ घंटे बाद, गुरुवार तड़के उन्हें छोड़ दिया गया। उपलब्ध जानकारी में हिरासत की अवधि, पुलिस की कार्रवाई का कानूनी आधार या आगे की कार्रवाई का विवरण नहीं है।
यह घटनाक्रम अंकिता भंडारी मामले में परिवार की जारी न्याय मांग को सामने लाता है। अंकिता की मौत के बाद उनके माता-पिता लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनकी मौजूदा कानूनी मांगों या मामले की अदालत में वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी की जानकारी अभी नहीं है।
अंकिता भंडारी मामले का संबंध उत्तराखंड से है, जबकि ताजा प्रदर्शन दिल्ली में हुआ। इसलिए इस घटनाक्रम का तत्काल असर राजधानी में प्रदर्शन और हिरासत तक सीमित दिखाई देता है। पुलिस, प्रशासन या अदालत की ओर से आगे की कार्रवाई का कोई विवरण इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट के पास हिरासत में लिए जाने के बाद गुरुवार तड़के रिहा कर दिया गया। उदय भानु चिब ने उनके न्याय संघर्ष का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अंकिता भंडारी के माता-पिता को कहां हिरासत में लिया गया था?
उन्हें दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
Q. उन्हें कब रिहा किया गया?
उन्हें गुरुवार तड़के रिहा कर दिया गया।
Q. अंकिता भंडारी की उम्र कितनी थी?
अंकिता भंडारी 19 साल की थीं।
Q. अंकिता भंडारी की मौत कब और कहां हुई थी?
उनकी 2022 में उत्तराखंड में हत्या हुई थी।
Q. इस घटनाक्रम पर किसने प्रतिक्रिया दी?
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रतिक्रिया दी।
Q. चिब ने क्या कहा?
चिब ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले 4 साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक आरोप लगाए।













