अल्मोड़ा के भिकियासैंण विकासखंड स्थित सनणें गांव में पानी और बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को पत्र भेजकर डूनधारा पेयजल योजना को मंजूरी देने और जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022-23 में हर घर नल योजना के तहत गांव में नल लगाए गए थे। इसके बावजूद करीब 3 साल बाद भी इन नलों से पानी नहीं आया। ग्रामीण डूनधारा के प्राकृतिक जलस्रोत को पेयजल योजना से जोड़कर स्थायी समाधान चाहते हैं।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी गांव में लगातार परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार जालली विद्युत केंद्र गांव से करीब 5 किमी दूर है। वहां से डूनधारा के रास्ते आपूर्ति शुरू होने पर बिजली की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायतें दीं और पत्राचार किया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने से गांव से पलायन बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, काम का समाधान चाहिए।
ग्रामीणों ने क्या मांग रखी
ग्रामीणों ने डूनधारा पेयजल योजना स्वीकृत करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक जलस्रोत को योजना से जोड़ने पर गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
बिजली के लिए ग्रामीणों ने जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक आपूर्ति शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। ग्रामीणों के अनुसार इस केंद्र से गांव की दूरी करीब 5 किमी है।
युवा शक्ति समिति, ग्राम सनणें के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि गांव लंबे समय से पानी और बिजली की समस्या झेल रहा है। उनके अनुसार कई बार अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीण हेम चंद्र पंत ने कहा कि हर घर नल योजना के तहत नल तो लगाए गए, लेकिन अब तक उनमें पानी नहीं आया। दीप चंद्र ध्यानी ने बिजली आपूर्ति की परेशानी बताते हुए जालली विद्युत केंद्र से आपूर्ति शुरू करने की मांग रखी।
ग्रामीण पंकज पंत के अनुसार विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिले हैं। दिगम्बर सिंह रावत ने कहा कि पानी और बिजली की कमी से ग्रामीण परेशान हैं और पलायन बढ़ रहा है।
अधिकारियों ने क्या कहा
भिकियासैंण के एसडीओ तसनीम अनवर ने कहा कि विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की मांग का संज्ञान लिया गया है। उनके अनुसार जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक बिजली पहुंचाने की संभावना पर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
रानीखेत जल संस्थान के ईई सुरेश ठाकुर ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना का काम जल निगम को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि बजट नहीं मिलने के कारण काम पूरा नहीं हो पाया है।
निष्कर्ष
सनणें गांव में ग्रामीणों की मुख्य मांगें डूनधारा पेयजल योजना शुरू करने और जालली विद्युत केंद्र से बिजली आपूर्ति जोड़ने की हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि समाधान नहीं हुआ तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे, जबकि बिजली विभाग ने कार्रवाई शुरू होने और जल संस्थान ने बजट की कमी की जानकारी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सनणें गांव कहां स्थित है?
सनणें गांव अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण विकासखंड में स्थित है।
Q. ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी क्यों दी है?
ग्रामीण पानी और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज हैं। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार की बात कही है।
Q. गांव में नल कब लगाए गए थे?
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में हर घर नल योजना के तहत नल लगाए गए थे।
Q. ग्रामीण पेयजल के लिए क्या मांग रहे हैं?
वे डूनधारा के प्राकृतिक जलस्रोत को पेयजल योजना से जोड़कर डूनधारा पेयजल योजना शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
Q. बिजली समस्या के समाधान के लिए क्या प्रस्ताव है?
ग्रामीण जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
Q. पेयजल योजना का काम किस विभाग को सौंपा गया है?
जल संस्थान के ईई के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना का काम जल निगम को सौंपा गया है।










