अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लेने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी छात्र की पहचान बाजपुर निवासी मोहम्मद शमी के रूप में हुई है।
यह मामला शैक्षणिक सत्र 2026 की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सामने आया। मोहम्मद शमी ने दाखिले के लिए अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों की श्रेणी से संबंधित प्रमाणपत्र जमा किया था। प्रवेश प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
प्रमाणपत्र फर्जी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने नियमानुसार छात्र का प्रवेश निरस्त कर दिया। इसके बाद संस्थान की ओर से मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस जांच जारी
सीओ बलवंत सिंह रावत ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
प्राथमिकी दर्ज होना पुलिस कार्रवाई की शुरुआत है। इससे आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच आगे बढ़ेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अभी अदालत का कोई फैसला सामने नहीं आया है।
निष्कर्ष
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों की श्रेणी से जुड़ा प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद मोहम्मद शमी का एमबीबीएस दाखिला रद्द किया गया। कॉलेज की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला कहां का है?
यह मामला अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान का है।
Q. आरोपी छात्र का नाम क्या है?
आरोपी छात्र का नाम मोहम्मद शमी है और वह बाजपुर का निवासी है।
Q. छात्र ने किस आधार पर दाखिला लिया था?
उसने अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों की श्रेणी से संबंधित प्रमाणपत्र के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लिया था।
Q. प्रमाणपत्र की जांच में क्या सामने आया?
प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
Q. कॉलेज प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
कॉलेज प्रशासन ने छात्र का प्रवेश निरस्त कर पुलिस को तहरीर दी।
Q. पुलिस ने अब तक क्या किया है?
कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।









