उत्तराखंड के राजकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 55 महाविद्यालयों में जीत का दावा किया है। एनएसयूआई ने 24 कॉलेजों में अपना पूरा पैनल जीतने की बात कही है। कई संस्थानों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
यह चुनाव प्रदेश के 137 महाविद्यालयों, 4 विश्वविद्यालयों और उनके परिसरों में कराया गया। कई जिलों में देर रात तक मतगणना चलती रही। कुछ कॉलेजों में एबीवीपी और एनएसयूआई से जुड़े बागी उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
देहरादून के कॉलेजों में अलग-अलग नतीजे
देहरादून के डीएवी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा विजयी रहे। महासचिव का पद निर्दलीय उम्मीदवार नीलांश ने जीता। मतदान से लेकर नतीजे आने तक कॉलेज परिसर में तनाव बना रहा। हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
देहरादून के एमकेपी और एसजीआरआर कॉलेजों में एबीवीपी ने जीत दर्ज की। डीबीएस कॉलेज में एनएसयूआई को सफलता मिली। डीवीएस कॉलेज देहरादून में भी एनएसयूआई ने जीत हासिल की। इन नतीजों से जिले के अलग-अलग कॉलेजों में छात्र संगठनों की स्थिति में अंतर साफ दिखा।
मतदान और मतगणना का समय
राज्य के विभिन्न कॉलेजों में मतदान सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर एक:30 बजे तक चला। इसके बाद 3:30 बजे से मतगणना शुरू की गई। कई जगह शाम तक परिणाम जारी कर दिए गए, जबकि कुछ जिलों में देर रात तक गिनती जारी थी।
छात्रसंघ चुनाव में कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों को चुनौती दी। कुछ कॉलेजों में उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाई। एबीवीपी और एनएसयूआई के समर्थित उम्मीदवारों के साथ मुकाबला कई जगह कड़ा रहा।
संगठनों ने क्या कहा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश महामंत्री यशवंत पंवार ने कहा कि छात्र-छात्राओं ने संगठन पर भरोसा जताया है। उनके मुताबिक परिषद ने चुनाव से पहले घोषणा पत्र जारी किया था और अब उसके अनुसार छात्र हितों के लिए काम किया जाएगा।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने 24 महाविद्यालयों में संगठन का पूरा पैनल जीतने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अन्य कॉलेजों में संगठन और उसके समर्थित प्रत्याशियों को सफलता मिली है।
विकास नेगी ने डीएवी कॉलेज देहरादून, काशीपुर, रामनगर, खटीमा और मसूरी में दोबारा मतगणना को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया से एबीवीपी के उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि source material में नहीं है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने सबसे अधिक जीत का दावा किया है, लेकिन एनएसयूआई और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई कॉलेजों में असर दिखाया। कुछ स्थानों पर मतगणना और परिणामों को लेकर राजनीतिक आरोप सामने आए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव कितने संस्थानों में हुआ?
चुनाव 137 महाविद्यालयों, 4 विश्वविद्यालयों और उनके परिसरों में हुआ।
Q. एबीवीपी ने कितने कॉलेजों में जीत का दावा किया?
एबीवीपी ने 55 महाविद्यालयों में जीत का दावा किया है।
Q. एनएसयूआई ने कितने कॉलेजों में पूरा पैनल जीतने की बात कही?
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी के मुताबिक संगठन ने 24 महाविद्यालयों में पूरा पैनल जीता।
Q. डीएवी कॉलेज देहरादून में अध्यक्ष कौन जीता?
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा विजयी रहे। महासचिव पद निर्दलीय उम्मीदवार नीलांश ने जीता।
Q. मतदान और मतगणना कब हुई?
मतदान सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक:30 बजे तक हुआ। मतगणना 3:30 बजे शुरू की गई।
Q. किन कॉलेजों में एनएसयूआई को जीत मिली?
डीबीएस और डीवीएस कॉलेज देहरादून में एनएसयूआई ने जीत दर्ज की।
Q. एनएसयूआई ने किन जगहों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया?
एनएसयूआई ने डीएवी कॉलेज देहरादून, काशीपुर, रामनगर, खटीमा और मसूरी में दोबारा मतगणना को लेकर आरोप लगाया।









