नैनीताल जिले में लालकुआं-रुद्रपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार शाम हाथियों का झुंड अचानक सड़क पर आ गया। लालकुआं-पंतनगर बायपास के पास करीब आधा दर्जन हाथी मुख्य हाईवे पर खड़े हो गए। इससे दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह रुक गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का झुंड काफी देर तक सड़क पर चहलकदमी करता रहा। झुंड में शामिल 2 नन्हे हाथी हाईवे पर ही खेलते और अठखेलियां करते नजर आए। यह दृश्य लोगों के लिए कौतूहल का कारण बना, लेकिन सड़क पर भारी-भरकम हाथियों की मौजूदगी से वाहन चालक घबरा गए।
वाहनों को दूरी पर रोककर किया इंतजार
सुरक्षा को देखते हुए चालकों ने अपने वाहन हाथियों से काफी दूरी पर रोक दिए। किसी ने भी झुंड के पास से निकलने की कोशिश नहीं की। वाहन चालक हाथियों के अपने आप सड़क से हटने का इंतजार करते रहे। इस दौरान हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही।
काफी देर तक सड़क पर रहने के बाद हाथियों का झुंड धीरे-धीरे टांडा के जंगल की ओर लौट गया। इसके बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। इंतजार और कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात दोबारा सुचारु किया जा सका।
वन्यजीवों की आवाजाही से संवेदनशील है मार्ग
लालकुआं-रुद्रपुर हाईवे पर हाथियों और दूसरे वन्यजीवों के अचानक सड़क पर आने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। जंगल से लगे इस मार्ग पर वन्यजीवों की आवाजाही के कारण वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि वन्यजीवों तथा आम लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और संबंधित प्रशासनिक विभागों को इस मार्ग पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए। उनका कहना है कि सतर्कता बढ़ने से किसी अप्रिय घटना से बचाव में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
पंतनगर बायपास के पास हाथियों के हाईवे पर आने से कुछ समय के लिए यातायात ठप रहा। झुंड के टांडा जंगल लौटने के बाद सड़क पर आवाजाही बहाल हुई। यह घटना जंगल से जुड़े इस मार्ग पर सावधानी और निगरानी की जरूरत दिखाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हाथियों का झुंड कहां हाईवे पर आया?
लालकुआं-पंतनगर बायपास के पास लालकुआं-रुद्रपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथियों का झुंड आया था।
Q. झुंड में कितने हाथी थे?
स्रोत के अनुसार, झुंड में आधा दर्जन हाथी थे।
Q. हाथियों के सड़क पर आने से क्या असर पड़ा?
हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
Q. वाहन चालकों ने क्या किया?
चालकों ने अपने वाहन हाथियों से काफी दूरी पर रोक दिए और झुंड के सड़क से हटने का इंतजार किया।
Q. हाथियों का झुंड आखिरकार कहां गया?
काफी देर बाद हाथियों का झुंड टांडा के जंगल की ओर लौट गया।
Q. यातायात कब सामान्य हुआ?
हाथियों के जंगल लौटने के बाद इंतजार और मशक्कत से यातायात दोबारा सुचारु किया गया।









