लंबे वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। शुक्रवार से रविवार तक देहरादून-दिल्ली ग्रीन कॉरिडोर, दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून हाईवे और मसूरी जाने वाली सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ा।
शुक्रवार और शनिवार को मसूरी में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। पार्किंग भरने के बाद भी वाहन शहर की ओर पहुंचते रहे। जिन पर्यटकों ने पहले से होटल बुक नहीं किया था, उनमें कुछ को वाहन में ही रात गुजारनी पड़ी।
योजना के बावजूद नहीं संभले हालात
दून पुलिस ने वीकेंड से एक दिन पहले रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का प्लान जारी किया था। जाम बढ़ने पर महत्वपूर्ण चौराहों और जंक्शन पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया, लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने से व्यवस्था सामान्य करने में समय लगा।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक, मसूरी में उपलब्ध पार्किंग क्षमता से 3-4 गुना अधिक वाहन पहुंचे। पुलिस ने होटल कारोबारियों के साथ मिलकर वाहनों को एक तय स्थान पर खड़ा कराने और वहां से पर्यटकों के लिए शटल सेवा चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन यह व्यवस्था प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो सकी।
पार्किंग और अतिक्रमण बनी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, मसूरी में यातायात की समस्या केवल वीकेंड तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे अतिक्रमण, सीमित पार्किंग और बढ़ते वाहनों के कारण सामान्य दिनों में भी परेशानी रहती है। भीड़ बढ़ने पर यही दबाव लंबे जाम में बदल जाता है।
एसएसपी ने माना कि मसूरी की मौजूदा पार्किंग पर्यटकों की संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर संरचनात्मक समस्याओं के कारण जाम हटाने में दिक्कत आई। भविष्य में पार्किंग व्यवस्था और प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स में जरूरी बदलावों पर काम किया जाएगा।
देहरादून से ऋषिकेश तक कई जगह वाहनों की कतारें लगी रहीं और स्थानीय लोगों को भी घंटों जाम में फंसना पड़ा। वीकेंड खत्म होने के बाद भीड़ कम हो गई, लेकिन इस घटनाक्रम ने पर्यटन मार्गों के स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।











