पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खंडाह के पास ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। यह विरोध अमदार तरौली गांव के पास घास काटते समय बीना देवी की तेंदुए के हमले में हुई मौत के बाद शुरू हुआ।

ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोककर नाराजगी जताई। पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो ग्रामीणों और पुलिस के बीच हाईवे पर गर्मागर्मी और धक्का-मुक्की हुई।

डर के माहौल से नाराज ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार डर के माहौल में जी रहे हैं। उनका आरोप है कि महिलाएं जंगल जाने से डरती हैं और परिवारों में बाहर निकलने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

लोगों का यह भी कहना है कि वन विभाग किसी व्यक्ति की मौत के बाद ही मौके पर पहुंचता है। बीना देवी की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा इसी नाराजगी के साथ सड़क पर दिखाई दिया।

निष्कर्ष

अमदार तरौली गांव के पास तेंदुए के हमले में बीना देवी की मौत के बाद खंडाह में ग्रामीणों ने पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया। जाम हटाने की कोशिश के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. बीना देवी की मौत कैसे हुई?

बीना देवी की मौत तेंदुए के हमले में हुई। वह अमदार तरौली गांव के पास घास काट रही थीं।

Q. ग्रामीणों ने सड़क कहां जाम की?

ग्रामीणों ने खंडाह के पास पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया।

Q. पुलिस के पहुंचने पर क्या हुआ?

पुलिस जाम खुलवाने पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच गर्मागर्मी और धक्का-मुक्की हुई।

Q. ग्रामीण किस बात से नाराज हैं?

ग्रामीण तेंदुए के हमले में महिला की मौत और इलाके में बने डर के माहौल से नाराज हैं।

Q. जंगल जाने को लेकर ग्रामीणों ने क्या कहा?

ग्रामीणों के अनुसार, महिलाएं जंगल जाने से डरती हैं और परिवार बाहर निकलने को लेकर चिंतित हैं।