कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा के दौरान शुक्रवार को मुख्य बाजार में पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। पंजाब नेशनल बैंक के समीप आयोजित कार्यक्रम में नेताओं के पहुंचते ही समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी।

2 गुटों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कार्यक्रम का माहौल गरमा गया। कुछ कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ने से पहले चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को समझाया। उनके प्रयासों के बाद मामला शांत हुआ।

नेताओं के समर्थन में हुई नारेबाजी

न्याय यात्रा के तहत हुए कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के मंच पर पहुंचते ही कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद हरक सिंह रावत के समर्थन में भी नारेबाजी तेज हो गई।

समर्थकों की इस नारेबाजी के बीच कांग्रेस के भीतर चल रही गुटीय खींचतान सार्वजनिक रूप से दिखाई दी। प्रीतम सिंह के समझाने के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और कार्यक्रम आगे बढ़ सका।

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात

कार्यक्रम में चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अंकिता भंडारी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ निकाली जा रही है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “सरकार रावण और कंस की तरह सत्ता के घमंड में चूर है। इतिहास गवाह है कि रावण और कंस का घमंड नहीं टिका, भाजपा नेताओं का घमंड भी चूर-चूर होगा।”

कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी है और उसे न्याय मिलने तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। नेताओं के बयानों में अंकिता भंडारी मामले में न्याय और उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा को यात्रा का प्रमुख मुद्दा बताया गया।

स्वारना नदी पुल तक पहुंची यात्रा

कार्यक्रम के बाद कांग्रेस की न्याय यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए स्वारना नदी पुल तक निकाली गई। वहीं यात्रा का समापन हुआ।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक ज्योत सिंह गुनसोला, ब्लॉक अध्यक्ष अमित पंवार, अशोक नेगी, संजय रावत, संजय उपाध्याय, शेखर सकलानी, पूर्व सैनिक अध्यक्ष आरएस नेगी और गोपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

निष्कर्ष

कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान नेताओं के समर्थकों की नारेबाजी से पार्टी की अंदरूनी खींचतान सामने आई। प्रीतम सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और यात्रा स्वारना नदी पुल तक पूरी की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान क्या हुआ?

कार्यक्रम में समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारे लगाने लगे। 2 गुटों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से माहौल गरमा गया।

Q. स्थिति किसने संभाली?

चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को समझाया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

Q. कार्यक्रम में किन मुद्दों पर बात हुई?

कार्यक्रम में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की बात कही गई।

Q. हरक सिंह रावत ने क्या कहा?

हरक सिंह रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता का घमंड टिकता नहीं है।

Q. न्याय यात्रा कहां तक निकाली गई?

कार्यक्रम के बाद यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए स्वारना नदी पुल तक निकाली गई और वहीं समाप्त हुई।