हल्द्वानी में किसान मंच ने राज्य के दुग्ध ब्रांड आंचल से पशुपालक किसानों के दूध की खरीद दर बढ़ाने की मांग की है। मंच के अनुसार, मौजूदा कीमतों में पशुपालन करना किसानों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
किसान मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और किसान मकान बचाओ संघर्ष समिति के संस्थापक कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि पशुपालकों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। चारा, भूसा, मवेशियों की दवाइयों और पशु चिकित्सकों की फीस पर किसानों को पहले से अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है।
मंच का आरोप है कि इन बढ़ती लागतों के अनुपात में किसानों को मिलने वाली दूध की खरीद कीमत में ठोस इजाफा नहीं हुआ। कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि किसान से दूध खरीदने की दर और बाजार में उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली कीमत के बीच बड़ा अंतर है।
किसान मंच की मांग और चेतावनी
किसान मंच ने आंचल प्रबंधन से खरीद दरों में तत्काल बढ़ोतरी करने को कहा है। मंच का कहना है कि पशुपालकों को उनकी लागत और मेहनत के अनुरूप उचित कीमत मिलनी चाहिए।
कार्तिक उपाध्याय ने चेतावनी दी कि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो मंच आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। उन्होंने आंचल प्रबंधन से टकराव के बजाय बातचीत और समाधान की दिशा में कदम उठाने को कहा।
इस मांग का सीधा संबंध उन पशुपालक किसानों की आमदनी से है, जिनका खर्च पशुओं के चारे, इलाज और देखभाल पर निर्भर करता है। खरीद दर में बदलाव नहीं होने पर बढ़ती लागत का असर उनकी कमाई पर पड़ने की बात मंच ने कही है।
निष्कर्ष
किसान मंच ने आंचल से दूध की खरीद दर बढ़ाने और पशुपालकों की लागत को ध्यान में रखने की मांग की है। मंच ने समाधान नहीं मिलने पर संघर्ष की चेतावनी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. किसान मंच ने किससे दूध खरीद दर बढ़ाने की मांग की है?
किसान मंच ने राज्य के दुग्ध ब्रांड आंचल प्रबंधन से यह मांग की है।
Q. किसानों की मुख्य शिकायत क्या है?
मंच का कहना है कि पशुपालन की लागत बढ़ गई है, लेकिन किसानों को मिलने वाली दूध की कीमत में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई।
Q. किन खर्चों में बढ़ोतरी का हवाला दिया गया है?
चारा, भूसा, मवेशियों की दवाइयों और पशु चिकित्सकों की फीस को बढ़ते खर्चों में शामिल बताया गया है।
Q. किसान मंच की ओर से बयान किसने दिया?
किसान मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और किसान मकान बचाओ संघर्ष समिति के संस्थापक कार्तिक उपाध्याय ने यह मुद्दा उठाया।
Q. मांग पूरी नहीं होने पर मंच ने क्या कहा है?
मंच ने किसानों को उचित हक नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।







