धान खरीद शुरू न होने और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के विरोध में किसानों ने सोमवार को रुद्रपुर कलेक्ट्रेट कूच किया। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर किसानों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
किसानों का कहना है कि धान खरीद में देरी से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण उनकी मेहनत की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने और उन्हें बर्बादी की ओर धकेलने का आरोप लगाया।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का नुकसान आकलन कराने की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग उठाई।
इसके साथ ही किसानों ने धान खरीद की व्यवस्था जल्द सुचारु करने की मांग की। उनका कहना है कि खरीद शुरू होने में देरी से किसान आर्थिक परेशानी में हैं।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
निष्कर्ष
रुद्रपुर में किसानों ने धान खरीद में देरी और ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर धरना दिया। उन्होंने 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे और धान खरीद व्यवस्था जल्द शुरू करने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. किसानों ने रुद्रपुर में कलेक्ट्रेट कूच क्यों किया?
धान खरीद शुरू न होने और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट कूच किया।
Q. किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर क्या किया?
किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
Q. किसानों ने मुआवजे के रूप में कितनी राशि मांगी है?
किसानों ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है।
Q. किसानों ने धान खरीद को लेकर क्या मांग की?
उन्होंने धान खरीद की व्यवस्था जल्द सुचारु करने की मांग की।
Q. किसानों ने आगे क्या चेतावनी दी है?
किसानों ने कहा कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।








