उत्तराखंड कैबिनेट ने रविवार को चंपावत के बनबसा में हुई बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुए इस फैसले से रोजगार, शिक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही, जमीन और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े नियमों में बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।

बैठक का सबसे बड़ा रोजगार संबंधी फैसला ₹200 करोड़ की स्किल डेवलपमेंट योजना है। इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने और रोजगार आधारित कार्यक्रमों तक उनकी पहुंच बढ़ाने पर काम करेगा।

कैबिनेट ने छात्रों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया। इन पाठ्यक्रमों से एक लाख से अधिक छात्रों को नियमित पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

रोजगार और पहाड़ी क्षेत्रों पर फैसले

सरकार ने पहाड़ी इलाकों में पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों को Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस योजना से करीब 2,000 लाभार्थियों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने Tarai Development Corporation Ltd (TDC) के लिए ₹66 करोड़ के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दी। इसके अलावा Provincial Armed Constabulary के अधिकारियों को Group B पदों पर नियुक्त करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

कर्मचारियों और प्रशासन से जुड़े बदलाव

संशोधित प्रावधानों के तहत Group A और Group C कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्ति का विवरण जमा करना होगा। Group B कर्मचारियों के लिए यही जानकारी हर 5 साल में देना जरूरी होगा।

वन भूमि से जुड़े मामलों के लिए Project Management Units (PMUs) बनाने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला हुआ है। सरकार के अनुसार, इससे ऐसे मामलों की प्रक्रिया और विभागों के बीच तालमेल को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए Director General का पद बनाने की मंजूरी भी दी। नरेंद्रनगर में Sub-Registrar कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी बैठक में पास किया गया।

निजी विश्वविद्यालय और नाजुल जमीन

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले लागू 10 acres जमीन की शर्त बदलकर 20,000 square metres जमीन का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही ₹5 करोड़ के guarantee fund की पुरानी अनिवार्यता हटा दी गई है। इन बदलावों से निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए लागू जमीन और वित्तीय शर्तों में परिवर्तन होगा।

नाजुल जमीन के नियमितीकरण की प्रक्रिया Khatima, Banbasa और Champawat समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ाई जाएगी। इससे इन इलाकों में नाजुल भूमि से जुड़े मामलों पर सरकारी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य और निष्कर्ष

कैबिनेट ने डॉक्टरों को मिलने वाले stipend में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। बढ़ी हुई राशि का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।

बनबसा में हुई बैठक के फैसलों का असर रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, पहाड़ी आजीविका, सरकारी जवाबदेही और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। मंजूर प्रस्तावों में कुछ फैसले योजनाओं के जरिए लागू होंगे, जबकि कुछ नियमों और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव से जुड़े हैं।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार के 24 फैसलों में रोजगार और कौशल विकास के साथ कर्मचारियों की संपत्ति जानकारी, नाजुल जमीन, वन भूमि और निजी विश्वविद्यालयों के नियमों पर जोर दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक कहां हुई?

बैठक चंपावत जिले के बनबसा में हुई। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की।

Q. कैबिनेट ने कितने प्रस्ताव मंजूर किए?

बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

Q. स्किल डेवलपमेंट योजना का बजट कितना है?

कैबिनेट ने ₹200 करोड़ की स्किल डेवलपमेंट योजना मंजूर की है।

Q. पोल्ट्री सब्सिडी से कितने लाभार्थियों को फायदा होगा?

पहाड़ी क्षेत्रों की पोल्ट्री सब्सिडी योजना से करीब 2,000 लाभार्थियों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

Q. कर्मचारियों को संपत्ति का विवरण कब देना होगा?

Group A और Group C कर्मचारियों को हर साल, जबकि Group B कर्मचारियों को हर 5 साल में संपत्ति का विवरण देना होगा।

Q. नाजुल जमीन के नियमितीकरण की प्रक्रिया किन जगहों पर आगे बढ़ेगी?

यह प्रक्रिया Khatima, Banbasa और Champawat के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाई जाएगी।

Q. निजी विश्वविद्यालय के लिए जमीन से जुड़ा नया प्रावधान क्या है?

अब निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20,000 square metres जमीन का प्रावधान किया गया है। पहले 10 acres जमीन की शर्त थी।

Q. निजी विश्वविद्यालयों के guarantee fund को लेकर क्या फैसला हुआ?

₹5 करोड़ के guarantee fund की पुरानी अनिवार्यता हटा दी गई है।