उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 अक्टूबर 2026 को चंपावत जिले के बनबसा में राज्य कैबिनेट की बैठक की। यह बैठक देहरादून से बाहर आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सीमा से जुड़े इलाकों और राज्य के दूसरे मुद्दों पर करीब 25 या 26 फैसले लिए गए हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। पहले यह रकम करीब ₹75,000 थी, जिसे अब ₹1 लाख से ज्यादा कर दिया गया है।
क्लास बी जमीनों के नियमितीकरण की समयसीमा बढ़ी
देहरादून, लालकुआं और बिंदुखत्ता जैसे इलाकों में क्लास बी जमीनों के नियमितीकरण के लिए तय समयसीमा को एक साल बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों के साथ साझा किया।
धामी ने कहा कि सरकार अब दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचकर फैसले लेने की कोशिश कर रही है। बनबसा और टनकपुर चंपावत जिले का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि यहां ‘आदर्श चंपावत’ की सोच के तहत विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बैठक में पूरी कैबिनेट और अलग-अलग विभागों के अधिकारी बनबसा पहुंचे। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
चारधाम यात्रा और कैंची धाम पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में चल रही चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने यात्रा को सुचारु रखने, जरूरी इंतजाम करने और सड़कों की स्थिति बेहतर बनाए रखने की जरूरत बताई।
कैंची धाम में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के कारण यातायात प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इलाके में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना बैठक के एजेंडे में शामिल था।
‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़े विषयों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि 7 तारीख को प्रधानमंत्री की देशसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्र पर सरकार का फोकस
बनबसा क्षेत्र में सैन्य छावनी है और यहां बड़ी संख्या में सीमा सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। यह इलाका नेपाल की सीमा से लगा है। मुख्यमंत्री ने दोनों ओर के लोगों के पुराने सामाजिक और पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में संस्कृति और पूजा-पद्धतियों में समानता दिखाई देती है। इसी वजह से सरकार राज्य स्तर के बड़े फैसलों से पहले लोगों तक सीधे पहुंचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
बैठक के बाकी एजेंडे की जानकारी प्रेस नोट के जरिए बाद में साझा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में भी महत्वपूर्ण फैसले लेती रहेगी।
निष्कर्ष
बनबसा की बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड, क्लास बी जमीनों के नियमितीकरण, चारधाम यात्रा और सीमावर्ती इलाकों के विकास से जुड़े मुद्दे सामने आए। अन्य फैसलों का विस्तृत ब्योरा प्रेस नोट जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक कहाँ हुई?
बैठक चंपावत जिले के बनबसा में हुई। यह देहरादून से बाहर आयोजित की गई कैबिनेट बैठक थी।
Q. रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में क्या बदलाव हुआ?
सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड करीब ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख से ज्यादा किया गया है।
Q. क्लास बी जमीनों को लेकर क्या फैसला हुआ?
देहरादून, लालकुआं और बिंदुखत्ता जैसे क्षेत्रों में क्लास बी जमीनों के नियमितीकरण की समयसीमा एक साल बढ़ाई गई है।
Q. बैठक में चारधाम यात्रा को लेकर क्या चर्चा हुई?
यात्रा को सुचारु बनाए रखने, उचित इंतजाम करने और सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई।
Q. कैंची धाम को लेकर कैबिनेट में क्या मुद्दा उठा?
कैंची धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या के बीच यातायात व्यवस्था संभालने पर विचार किया गया।
Q. बनबसा और टनकपुर को लेकर सरकार की क्या योजना है?
दोनों क्षेत्र चंपावत जिले में आते हैं और ‘आदर्श चंपावत’ की सोच के तहत विकास कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।












