पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के ढंगलगांव में भालू के हमले से घायल महिला मंजू देवी की रामनगर में मौत हो गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ गया।

मंजू देवी की उम्र 51 वर्ष थी। बुधवार शाम वह बकरियां चराने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

घटना के बाद महिला को नैनीडांडा में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया था। इलाज के दौरान रामनगर में उनकी मौत हो गई।

शव गांव लाने की तैयारी

रामनगर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव को ढंगलगांव लाने की तैयारी की जा रही है। गांव में इस घटना को लेकर चिंता और नाराजगी का माहौल है।

क्षेत्रवासियों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए खाल्यूडांडा बाजार में एकत्र होकर प्रदर्शन करने का एलान किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन की घोषणा स्थानीय लोगों की ओर से की गई है।

घटना से जुड़े मुख्य तथ्य

  • मंजू देवी ढंगलगांव की रहने वाली थीं।
  • बुधवार शाम बकरियां चराते समय भालू ने उन पर हमला किया।
  • प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया था।
  • रामनगर में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई।
  • पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाने की तैयारी है।

निष्कर्ष

भालू के हमले में घायल मंजू देवी की मौत के बाद ढंगलगांव और आसपास के क्षेत्र में आक्रोश है। शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया जाएगा और क्षेत्रवासी खाल्यूडांडा बाजार में प्रदर्शन करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मंजू देवी की मौत कहां हुई?

मंजू देवी की मौत रामनगर में इलाज के दौरान हुई।

Q. मंजू देवी पर भालू ने कब हमला किया था?

हमला बुधवार शाम को हुआ था।

Q. हमला किस स्थान पर हुआ था?

हमला नैनीडांडा ब्लॉक के ढंगलगांव में हुआ था।

Q. घटना के समय मंजू देवी क्या कर रही थीं?

वह बकरियां चराने गई थीं।

Q. घटना के बाद क्षेत्र में क्या हुआ?

मौत की खबर के बाद क्षेत्र में आक्रोश है। लोगों ने खाल्यूडांडा बाजार में प्रदर्शन का एलान किया है।