तराई में धान की बंपर पैदावार के बाद अब किसानों के सामने तौल और खरीद का संकट खड़ा हो गया है। उधम सिंह नगर की सितारगंज, गदरपुर और किच्छा मंडियों में हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ा है। किसानों का कहना है कि टोकन जारी नहीं हो रहे और कई जगह सॉफ्टवेयर की खराबी, कांटों की कमी तथा खरीद सीमा के कारण नंबर नहीं आ रहा।

कई किसान 20-20 दिन से मंडियों में अपनी फसल के साथ रुके हैं। उन्हें धान में नमी बढ़ने और घटतौली का डर भी सता रहा है। इससे पहले बेमौसम बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया था। अब खरीद की धीमी रफ्तार ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी है।

सितारगंज में 20 हजार क्विंटल से अधिक धान इंतजार में

सितारगंज की नई मंडी समिति के फड़ों पर बिक्री के इंतजार में 20 हजार क्विंटल से अधिक धान पड़ा है। एसएमओ ओम नारायण मिश्रा के अनुसार, कच्चे आढ़तियों ने 155 किसानों से करीब 6200 क्विंटल धान खरीदा है। वहीं, 25 किसानों का लगभग 1000 क्विंटल धान तौल के लिए मंडी में रखा है।

खाद्य विभाग के 3 कांटों पर अब तक 112 किसानों से 8888 क्विंटल धान खरीदा गया है। इसके बावजूद मंडी के फड़ों पर बड़ी मात्रा में धान बिक्री की प्रतीक्षा में है।

गदरपुर में टोकन जारी होने में दिक्कत

गदरपुर में आरएफसी के 3 क्रय केंद्रों पर कुल 578.80 क्विंटल धान खरीदा गया है। केंद्र प्रथम पर 120 क्विंटल, द्वितीय केंद्र पर 320.40 क्विंटल और तृतीय केंद्र पर 138.40 क्विंटल खरीद दर्ज की गई।

किसानों ने मंडी समिति के कांटों के सॉफ्टवेयर में दिक्कत के कारण टोकन जारी नहीं होने का आरोप लगाया है। सचिव आशा गोस्वामी ने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार खरीद जारी है। पड़ताल में कई क्विंटल धान की तौल बाकी मिली।

किच्छा में 20 दिन से मंडी में बैठे किसान

किच्छा की नवीन मंडी में किसान करीब 20 दिन से फसल के साथ रुके हुए हैं। एसएमआई कौशल कुमार ने बताया कि संभागीय खाद्य नियंत्रक के 3 केंद्रों पर 6 अक्तूबर से अब तक 4,728 क्विंटल धान तौला गया है। इन केंद्रों पर 3,000-3,000 क्विंटल की सीमा तय है।

सहकारी संघ के 5 केंद्रों पर 6,500 क्विंटल धान की तौल हुई है। मंडी में अब भी 100 क्विंटल धान तौल के इंतजार में है। तराई सिख संगठन के संतोख सिंह ने खरीद की गति बढ़ाने की मांग की है।

बाजपुर और रुद्रपुर में भी धीमी खरीद

बाजपुर में बन्नाखेड़ा सहित 4 केंद्रों पर बारदाना मिलने के बाद तौल शुरू हुई। नोडल अधिकारी नितेश हर्बोला ने बताया कि धान की अधिक आवक के कारण 3 केंद्रों पर मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। उनके 16 केंद्रों पर करीब 12 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।

एसएमओ नलनी कांत के अनुसार, आरएफसी के 3 केंद्रों पर 2800 क्विंटल खरीद हुई है। कांग्रेस जिला महामंत्री किसान हरदेव सिंह संधू ने ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर धीमी तौल और पोर्टल की सीमा पूरी होने की बात कही।

रुद्रपुर के बगवाड़ा स्थित आरएफसी क्रय केंद्रों पर करीब 400 क्विंटल धान तौला जा चुका है। सरकारी केंद्रों पर खरीद की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। रिपोर्ट में इसकी एक वजह मिलर्स का कम पंजीकरण भी बताया गया है।

प्रशासन ने छुट्टियां रद्द कर तौल तेज करने को कहा

डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीद प्रभावित न हो, इसलिए अवकाश भी रद्द कर दिए गए हैं। डीएम ने किसानों से पैनिक नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान का धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा।

निष्कर्ष

उधम सिंह नगर में धान की आवक के मुकाबले तौल की गति धीमी है। सितारगंज में 20 हजार क्विंटल से अधिक धान बिक्री का इंतजार कर रहा है, जबकि कई केंद्रों पर टोकन, सॉफ्टवेयर और सीमा से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं। प्रशासन ने खरीद तेज करने और सभी किसानों का धान खरीदने का भरोसा दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उधम सिंह नगर में धान खरीद की मुख्य समस्या क्या है?

किसानों के अनुसार टोकन जारी नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा सॉफ्टवेयर की खराबी, कांटों की कमी और खरीद सीमा भी परेशानी का कारण है।

Q. सितारगंज मंडी में कितना धान बिक्री के इंतजार में है?

सितारगंज मंडी के फड़ों पर 20 हजार क्विंटल से अधिक धान रखा हुआ है।

Q. गदरपुर में अब तक कितनी खरीद हुई है?

गदरपुर के आरएफसी के 3 क्रय केंद्रों पर कुल 578.80 क्विंटल धान खरीदा गया है।

Q. किच्छा में कितने समय से किसान मंडी में रुके हैं?

किच्छा की नवीन मंडी में किसान करीब 20 दिन से अपनी फसल के साथ बैठे हैं।

Q. प्रशासन ने किसानों के लिए क्या कहा है?

डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कहा है कि प्रत्येक किसान का धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। उन्होंने खरीद तेज करने के निर्देश भी दिए हैं।