सोमेश्वर के वरिष्ठ भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता जयदत्त शर्मा का शनिवार को 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से सोमेश्वर क्षेत्र में शोक है। उम्र के आखिरी पड़ाव तक वह समाजसेवा और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे।
जयदत्त शर्मा जनसंघ के दौर से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थे। उन्होंने अपना जीवन समाजसेवा, शिक्षा और संगठन के काम के लिए समर्पित किया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे और ग्राम पंचायत के प्रधान की जिम्मेदारी निभाई।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान
बीएड डिग्रीधारी जयदत्त शर्मा ने स्थानीय लोगों के सहयोग से मनान में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह इस विद्यालय के प्रधानाचार्य भी रहे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस योगदान को क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है।
शर्मा की सक्रियता और समय की पाबंदी उनकी खास पहचान थी। उम्र बढ़ने के बावजूद वह अल्मोड़ा, ताकुला, द्वाराहाट, रानीखेत, सोमेश्वर और कौसानी में आयोजित कार्यक्रमों में पैदल पहुंच जाते थे।
वह अपने पीछे पत्नी और 2 बेटों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह मनान स्थित स्थानीय घाट पर किया जाएगा।
निष्कर्ष
जयदत्त शर्मा ने जनसंघ काल से भाजपा तक संगठन, समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से सोमेश्वर क्षेत्र ने एक वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता खो दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जयदत्त शर्मा का निधन कितनी उम्र में हुआ?
जयदत्त शर्मा का निधन 88 वर्ष की उम्र में हुआ।
Q. जयदत्त शर्मा कहां रहते थे?
वह सोमेश्वर क्षेत्र से जुड़े हुए थे।
Q. जयदत्त शर्मा किन क्षेत्रों में सक्रिय रहे?
वह राजनीति, समाजसेवा, शिक्षा और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे।
Q. मनान के जूनियर हाईस्कूल से उनका क्या संबंध था?
उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से मनान में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके प्रधानाचार्य भी रहे।
Q. जयदत्त शर्मा का अंतिम संस्कार कब होगा?
उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह मनान स्थित स्थानीय घाट पर किया जाएगा।









