रुद्रपुर में सरकारी योजना की किट नहीं मिलने से नाराज महिला श्रमिकों ने उप श्रमायुक्त कार्यालय में धरना दिया। ट्रांजिट कैंप, मुखर्जीनगर, जगतपुरा और शिवनगर समेत कई क्षेत्रों से महिलाएं श्रम कार्यालय पहुंचीं और किट वितरण में हो रही देरी पर विरोध जताया।
महिलाओं ने कहा कि उन्हें किट देने के नाम पर बार-बार नई तारीख दी जाती है, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिला। प्रदर्शनकारी श्रमिकों के अनुसार, वे दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाती हैं। कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से उनकी मजदूरी भी छूट रही है।
जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप
महिला श्रमिकों के समर्थन में भाजपा पार्षद निमित शर्मा, राजेंद्र राठौर और पार्षद पति राधेश शर्मा भी श्रम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए और मामला प्रदेश सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
विरोध बढ़ने पर श्रम अधिकारी कार्यालय से बाहर आए और प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत की। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर सभी पात्र महिला श्रमिकों को किट वितरित कराने का आश्वासन दिया।
आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अब मामले में विभाग की ओर से पात्र श्रमिकों को तय समय के भीतर किट मिलना अगला अहम कदम होगा।
निष्कर्ष
किट वितरण में देरी के विरोध में महिला श्रमिकों ने रुद्रपुर के उप श्रमायुक्त कार्यालय में धरना दिया। अधिकारियों के एक सप्ताह में सभी पात्र महिलाओं को किट देने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. महिला श्रमिकों ने धरना क्यों दिया?
महिला श्रमिकों ने किट वितरण में देरी और योजना का लाभ नहीं मिलने के विरोध में धरना दिया।
Q. प्रदर्शन में किन क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हुईं?
ट्रांजिट कैंप, मुखर्जीनगर, जगतपुरा और शिवनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं प्रदर्शन में पहुंचीं।
Q. महिलाओं ने अपनी क्या परेशानी बताई?
उन्होंने कहा कि कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से उनकी दिहाड़ी मजदूरी छूट रही है।
Q. महिला श्रमिकों के समर्थन में कौन पहुंचे?
भाजपा पार्षद निमित शर्मा, राजेंद्र राठौर और पार्षद पति राधेश शर्मा महिलाओं के समर्थन में श्रम कार्यालय पहुंचे।
Q. श्रम अधिकारियों ने क्या आश्वासन दिया?
श्रम अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर सभी पात्र महिला श्रमिकों को किट वितरित कराने का आश्वासन दिया।
Q. धरना कब समाप्त हुआ?
अधिकारियों से वार्ता और आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।








