उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रुड़की सीट पर विकास और बुनियादी सुविधाएं बड़ा चुनावी मुद्दा बनती दिख रही हैं। भाजपा के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा 2012 से 2022 तक लगातार 3 चुनाव जीत चुके हैं। अब उनके सामने अपनी सीट बचाने के साथ शहर की पुरानी समस्याओं का जवाब देने की चुनौती है।

रुड़की विधानसभा की ग्राउंड रिपोर्ट में सड़क, पुल, पेयजल, स्वच्छता और कनेक्टिविटी से जुड़े कामों को लेकर भाजपा विधायक का पक्ष सामने आया है। दूसरी ओर कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल और स्थानीय निवासियों ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, सीवरेज, स्वास्थ्य, शिक्षा और बस अड्डे की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।

रुड़की उत्तराखंड का प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक शहर है। यहां आईआईटी रुड़की और रुड़की आईटीआई जैसे संस्थान हैं। इसके बावजूद शहर की रोजमर्रा की सुविधाओं को लेकर शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। बाजार में जाम, बारिश में पानी भरना और कई इलाकों में खराब सड़कें लोगों की प्रमुख चिंताएं हैं।

विधायक ने गिनाईं सड़क, पुल और सफाई से जुड़ी उपलब्धियां

प्रदीप बत्रा का कहना है कि जनता का प्यार और सम्मान उनकी ताकत है। उन्होंने ‘माई सिटी, माई प्राइड’ और ‘क्लीन सिटी–ग्रीन सिटी’ के आधार पर काम करने का दावा किया।

बत्रा के मुताबिक, रुड़की में बाईपास और नई सड़कों से जाम का दबाव कम हुआ है। उन्होंने दिल्ली, हरिद्वार और आसपास के शहरों तक यात्रा का समय घटने की बात कही। 3 पुलों, सोहान नदी पर पुल, रोडवेज से जुड़ी सड़क के दोहरीकरण, डिवाइडर पर हरियाली और सड़कों के सौंदर्यीकरण को भी उन्होंने उपलब्धियों में शामिल किया।

विधायक ने रुड़की में साइंस सिटी बनने की बात कही। उन्होंने आईआईटी और जेडीए से जुड़े काम, राम द्वार, फुटपाथ, ग्रीनबेल्ट और शहर की पहचान से जुड़े कार्यों का भी जिक्र किया। पेयजल पाइपलाइन, घर-घर कूड़ा उठाने, सीवरेज और नालों से जुड़े कामों को उन्होंने विकास का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि विकास ऐसा होना चाहिए, जिसे जनता खुद महसूस करे।

कांग्रेस ने उठाए जलभराव और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस नेता और पूर्व मेयर गौरव गोयल ने आरोप लगाया कि प्रदीप बत्रा के 15 साल के कार्यकाल में रुड़की को ऐसी बड़ी योजना या परियोजना नहीं मिली, जिसे ऐतिहासिक उपलब्धि कहा जा सके। गोयल के अनुसार, शहर का लगभग 25% हिस्सा हर साल जलभराव से प्रभावित होता है और स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाया गया।

गोयल ने आयुर्वेदिक औषधालय की जर्जर इमारत और जेएमएस अस्पताल में मशीनें होने के बावजूद डॉक्टरों तथा संचालन की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रुड़की में कई सरकारी स्कूल बंद हो गए और शिक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

रुड़की की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला प्रमुख रहा है। कांग्रेस के सामने इस बार मजबूत और सर्वसम्मत उम्मीदवार चुनने की चुनौती बताई जा रही है। गौरव गोयल 28 मार्च 2026 को कांग्रेस में शामिल हुए थे और अक्टूबर 2026 से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय हैं।

स्थानीय लोगों ने बस अड्डे, बाजार और सड़कों की समस्याएं बताईं

उत्तराखंड क्रांति दल के रुड़की जिलाध्यक्ष दीपक लाखवान ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पिछले 20-25 साल में रुड़की को शैक्षणिक और औद्योगिक शहर के अनुरूप विकास नहीं मिला। उन्होंने जलभराव, सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिक समस्या बताया।

स्थानीय निवासी पदम गिरी ने पानी निकासी और सीवरेज को शहर की सबसे बड़ी दिक्कत बताया। उनके अनुसार, नदी पास होने के बावजूद ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करता और बारिश के दौरान कई जगह पानी भर जाता है। उन्होंने रोडवेज बस अड्डे की गंदगी और जर्जर इमारत पर भी सवाल उठाया।

सलमान ने बाजार में ई-रिक्शा और ट्रैफिक जाम को बड़ी समस्या बताया। उन्होंने वार्ड नंबर 36 में कई सड़कों के अब भी कच्चे होने की बात कही। उनके अनुसार, 15-18 साल में भी वहां पक्की सड़कें नहीं बन पाई हैं।

सिविल लाइन निवासी पंकज ने सड़कों पर पानी भरने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि जनता सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहती है। एडवोकेट सीमा चौधरी ने माना कि पिछले 15 साल में विकास हुआ है, लेकिन जाम की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बस स्टैंड का निर्माण जल्द पूरा कराने, महिला सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने की मांग की।

इसके उलट स्थानीय निवासी रश्मि चौधरी ने विधायक के काम की तारीफ की। उनका कहना है कि 20 साल पहले और आज के रुड़की में बड़ा अंतर है। उन्होंने सड़क, नाली और बिजली व्यवस्था में सुधार का दावा किया।

निष्कर्ष

रुड़की में चुनावी मुकाबले का केंद्र विकास कार्यों और रोजमर्रा की समस्याओं के बीच का अंतर है। भाजपा विधायक सड़क, पुल, सफाई और कनेक्टिविटी के काम गिना रहे हैं, जबकि विपक्ष और स्थानीय लोग जलभराव, जाम, सीवरेज, स्वास्थ्य, शिक्षा और बस अड्डे के समाधान की मांग कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रुड़की से लगातार कितनी बार प्रदीप बत्रा विधायक चुने गए हैं?

प्रदीप बत्रा 2012 से 2022 तक लगातार 3 विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।

Q. रुड़की में स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी समस्या क्या बताई गई है?

स्थानीय लोगों ने जलभराव, सीवरेज, पानी निकासी, ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों को प्रमुख समस्या बताया है।

Q. बस अड्डे को लेकर क्या शिकायतें सामने आई हैं?

रोडवेज बस अड्डे की गंदगी और जर्जर इमारत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बस स्टैंड का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग भी की गई है।

Q. प्रदीप बत्रा ने कौन-से विकास कार्य गिनाए हैं?

उन्होंने बाईपास, नई सड़कें, पुल, सड़क का दोहरीकरण, पेयजल पाइपलाइन, कूड़ा उठाने, सीवरेज और हरियाली से जुड़े कामों का जिक्र किया है।

Q. कांग्रेस नेता गौरव गोयल ने किन मुद्दों पर सवाल उठाए?

गौरव गोयल ने जलभराव, स्वास्थ्य व्यवस्था, आयुर्वेदिक औषधालय की इमारत, जेएमएस अस्पताल और सरकारी स्कूलों से जुड़े मुद्दे उठाए।

Q. रुड़की में चुनावी मुकाबला किन दलों के बीच प्रमुख है?

रुड़की की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला प्रमुख रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल ने भी दोनों दलों पर सवाल उठाए हैं।