ऋषिकेश के गंगानगर और काली की ढाल क्षेत्र के पास स्थित संजय झील लंबे समय से बदहाल है। करीब 14 हेक्टेयर में फैली यह ऐतिहासिक और प्राकृतिक झील रंभा नदी का उद्गम स्थल भी है। इसे इको-टूरिज्म और बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने की योजनाएं बनाई गई थीं, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हो सका है।

झील के पुनरुद्धार को समग्र मास्टर प्लान में शामिल किया गया था। इसके तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार हुई थी। हालांकि, फंड का समय पर और सही इस्तेमाल नहीं होने से मौके पर हालात में बड़ा बदलाव नहीं आया। झील परिसर में साफ-सफाई और नियमित रखरखाव की कमी के कारण झाड़ियां और गंदगी बढ़ती जा रही है। इससे पर्यावरण और भू-जल संरक्षण पर भी असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए संजय झील को मॉर्निंग वॉक, योग और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने वाले ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित करने की योजना थी। परिसर में पाथवे, फेंसिंग, बैठने की जगह और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं बनाई गई थीं। रखरखाव नहीं होने से ये व्यवस्थाएं दोबारा खराब हो गई हैं और झील परिसर वीरान नजर आता है।

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि शाम के बाद यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। उनका कहना है कि अगर शासन-प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया, तो ऋषिकेश की यह प्राकृतिक धरोहर धीरे-धीरे नष्ट हो सकती है।

पुनरुद्धार के लिए डीपीआर भेजी गई

ऋषिकेश के रेंजर जीएस धमांदा ने बताया, “संजय झील के पुनरोद्धार के लिए शासन को डीपीआर बनाकर भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद काम किया जाएगा।” इस बयान के अनुसार, झील के पुनरुद्धार का अगला कदम बजट मंजूरी के बाद शुरू होगा।

फिलहाल झील की स्थिति पुराने विकास कार्यों के बाद भी उसके नियमित रखरखाव पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं की देखरेख नहीं होने से पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

निष्कर्ष

संजय झील के कायाकल्प की योजनाएं और कुछ बुनियादी सुविधाएं बनने के बावजूद परिसर फिर बदहाल हो गया है। अब पुनरुद्धार की उम्मीद शासन को भेजी गई डीपीआर और बजट मंजूरी पर टिकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. संजय झील कहां स्थित है?

संजय झील ऋषिकेश के गंगानगर और काली की ढाल क्षेत्र के पास स्थित है।

Q. संजय झील का क्षेत्रफल कितना है?

यह झील करीब 14 हेक्टेयर में फैली हुई है।

Q. झील को किस रूप में विकसित करने की योजना थी?

इसे इको-टूरिज्म और बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी।

Q. झील परिसर में कौन-कौन सी सुविधाएं बनाई गई थीं?

वहां पाथवे, फेंसिंग, बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं बनाई गई थीं।

Q. संजय झील के पुनरुद्धार के लिए अब क्या कदम उठाया गया है?

पुनरुद्धार के लिए डीपीआर शासन को भेजी गई है। बजट स्वीकृत होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।