ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित नाव घाट पर दशहरा पर्व की तैयारियां उस समय मायूसी में बदल गईं, जब शॉर्ट सर्किट के कारण रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तय समय से पहले जल गए। आग लगने के बाद पुतलों में लगी आतिशबाजी भी चलने लगी।
सुभाष क्लब दशहरा कमेटी ने इस साल भी पुतला दहन की तैयारी की थी। कमेटी के अनुसार, तीनों पुतलों का दहन शाम 7:30 AM किया जाना था। इससे करीब एक घंटे पहले शाम 6:30 AM लाइटों की टेस्टिंग के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ।
आग लगते ही तीनों पुतले लपटों से घिर गए और देखते ही देखते जलकर खाक हो गए। घटना के समय कमेटी के पदाधिकारी और बाहर से आए कारीगर मौके पर मौजूद थे। अचानक हुई आग की घटना से वे भी सकते में आ गए।
कार्यक्रम से पहले पूरी हो गई आतिशबाजी
दशहरा कार्यक्रम के लिए सुबह से जेसीबी की मदद से तीनों पुतलों को खड़ा किया जा रहा था। इसके बाद उन पर रंग-बिरंगी लाइटें और आतिशबाजी लगाई गई थी। शाम को अंतिम तैयारियों और लाइटों की जांच के दौरान ही आग लग गई।
पुतला दहन से पहले लाइटों और आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए दर्शक घाट पर पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अलावा बाहर के राज्यों से आए लोग भी कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे। निर्धारित समय से पहले पुतले जल जाने के कारण दर्शकों को निराशा हुई और कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पहले ही खत्म हो गया।
निष्कर्ष
त्रिवेणी घाट के नाव घाट पर शॉर्ट सर्किट के कारण दशहरा कार्यक्रम से पहले ही तीनों पुतले जल गए। इससे सुभाष क्लब दशहरा कमेटी की तैयारियां प्रभावित हुईं और पुतला दहन देखने पहुंचे दर्शक मायूस हुए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. घटना कहां हुई?
यह घटना ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित नाव घाट पर हुई।
Q. कौन-कौन से पुतले जले?
रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलकर खाक हो गए।
Q. आग लगने का कारण क्या बताया गया?
लाइटों की टेस्टिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया गया।
Q. पुतला दहन का तय समय क्या था?
कमेटी की योजना के अनुसार पुतला दहन शाम 7:30 AM होना था।
Q. आग कब लगी?
शॉर्ट सर्किट शाम 6:30 AM हुआ, यानी तय पुतला दहन समय से करीब एक घंटे पहले।











