नैनीताल जिले के रामनगर में राज्य कर विभाग ने एक रिसॉर्ट से जुड़े करीब ₹2.5 करोड़ की राजस्व क्षति के मामले का पता लगाया है। ग्राम भलोन स्थित रिसॉर्ट में विभागीय टीमों ने छापेमारी कर कारोबारी दस्तावेजों और खातों की जांच की।

जांच के बाद रिसॉर्ट प्रबंधन ने देर रात ₹1 करोड़ जमा कराए। विभाग के अनुसार, प्रबंधन ने बाकी रकम भी जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया है।

दूसरे राज्य में दिखाई जा रही थी बिलिंग

राज्य कर विभाग की जांच में सामने आया कि रिसॉर्ट उत्तराखंड में पर्यटकों को सेवाएं दे रहा था, लेकिन बिलिंग दूसरे राज्य में दिखाई जा रही थी। विभाग का कहना है कि इससे उत्तराखंड के कर राजस्व को नुकसान हुआ।

विभाग के मुताबिक, संबंधित रिसॉर्ट वर्ष 2025 से उत्तराखंड राज्य कर का भुगतान नहीं कर रहा था। इसी आधार पर कारोबारी गतिविधियों, दस्तावेजों और खातों की जांच की गई।

कई महीनों से निगरानी कर रही थी एसआईबी

राज्य कर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) कई महीनों से रिसॉर्ट की व्यावसायिक गतिविधियों पर नजर रख रही थी। कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई।

विभाग के अनुसार, कार्रवाई आयुक्त कर प्रतीक जैन के निर्देश और अपर आयुक्त कुमाऊं राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में हुई। छापेमारी के लिए 3 टीमों का गठन किया गया था।

एसआईबी के सहायक आयुक्त हरि ओम वर्मा, शिशपाल सिंह और विभाग के कई अधिकारी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।

पर्यटन क्षेत्रों में रिसॉर्टों की निगरानी बढ़ी

विभाग ने बताया कि कुछ रिसॉर्ट संचालक और सेवा प्रदाता उत्तराखंड में पर्यटकों को सेवाएं देते हैं, लेकिन बिल दूसरे राज्यों में स्थित अपने मुख्यालयों के नाम से जारी करते हैं। इससे उत्तराखंड को मिलने वाले राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) और केंद्र के वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) राजस्व पर असर पड़ सकता है।

राज्य कर विभाग के अनुसार, रामनगर, नैनीताल और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में रिसॉर्टों की व्यावसायिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में होने वाले कारोबार से जुड़े कर का उचित भुगतान उत्तराखंड में सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष

रामनगर के ग्राम भलोन स्थित रिसॉर्ट में करीब ₹2.5 करोड़ की राजस्व क्षति का मामला सामने आया है। छापेमारी के बाद ₹1 करोड़ जमा किए गए हैं, जबकि बाकी रकम जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह मामला कहां सामने आया?

यह मामला नैनीताल जिले के रामनगर के ग्राम भलोन स्थित एक रिसॉर्ट में सामने आया।

Q. विभाग ने कितनी राजस्व क्षति का मामला बताया है?

राज्य कर विभाग ने करीब ₹2.5 करोड़ की राजस्व क्षति का मामला बताया है।

Q. रिसॉर्ट प्रबंधन ने कितनी रकम जमा कराई?

रिसॉर्ट प्रबंधन ने छापेमारी के बाद देर रात ₹1 करोड़ जमा कराए।

Q. बाकी रकम को लेकर क्या जानकारी दी गई है?

प्रबंधन ने बाकी रकम भी जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया है।

Q. विभाग को बिलिंग में क्या गड़बड़ी मिली?

विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में सेवाएं देने के बावजूद बिलिंग दूसरे राज्य में दिखाई जा रही थी।

Q. किन इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है?

रामनगर, नैनीताल और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में रिसॉर्टों की व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।