नैनीताल जिले में पर्यावरण नियमों के पालन को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 12 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। इन इकाइयों में कैंची धाम और भवाली क्षेत्र के होटल, भवाली के श्यामखेत में बन रहे फ्लैट्स तथा रामनगर के होटल शामिल हैं।
कार्रवाई हालिया संयुक्त सर्वे के बाद की गई। जांच में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े लाइसेंस की स्थिति में कई कमियां सामने आईं।
सर्वे में क्या सामने आया
बोर्ड की टीम ने भवाली के श्यामखेत में निर्माणाधीन 6 फ्लैट्स की जांच की। इसके अलावा कैंची धाम और भवाली क्षेत्र के 3 होटलों तथा रामनगर के 3 होटलों को भी सर्वे में शामिल किया गया।
जांच के अनुसार इन प्रतिष्ठानों के पास एसटीपी नहीं मिले। जिन जगहों पर एसटीपी लगाए गए थे, उनमें भी व्यवस्था ठीक तरह से काम करती नहीं मिली। कुछ होटल संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जरूरी लाइसेंस भी नहीं था।
सर्वे में ठोस कचरे की निकासी से जुड़े नियमों के पालन की स्थिति भी देखी गई। बोर्ड ने संबंधित संचालकों से इन कमियों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग नेगी ने बताया कि सभी संबंधित इकाइयों को नोटिस भेजे गए हैं। संचालकों को तत्काल प्रभाव से प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई
बोर्ड ने कहा है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना लगाने और मामला अदालत में ले जाने का कदम शामिल हो सकता है।
लापरवाही जारी रहने पर संबंधित संस्थानों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। बोर्ड ने साफ किया है कि क्षेत्र में प्रदूषण से जुड़े नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
संयुक्त सर्वे के बाद कैंची धाम, भवाली और रामनगर से जुड़े 12 प्रतिष्ठानों पर बोर्ड ने जवाबदेही तय की है। अब संचालकों के जवाब और व्यवस्थाओं में सुधार के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कितने प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है?
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुल 12 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं।
Q. नोटिस किन क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठानों को मिला है?
नोटिस कैंची धाम, भवाली और रामनगर से जुड़े प्रतिष्ठानों को भेजे गए हैं।
Q. सर्वे में किस तरह की कमियां मिलीं?
जांच में एसटीपी की कमी, खराब संचालन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों की अनदेखी और कुछ मामलों में जरूरी लाइसेंस का अभाव मिला।
Q. फ्लैट्स से जुड़ी जांच में क्या सामने आया?
भवाली के श्यामखेत में बन रहे 6 फ्लैट्स के पास एसटीपी नहीं मिला।
Q. जवाब नहीं देने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
भारी जुर्माना, अदालत में मामला और जरूरत पड़ने पर संस्थानों को सील करने की कार्रवाई हो सकती है।
Q. बोर्ड ने संचालकों को क्या निर्देश दिए हैं?
संचालकों को तत्काल प्रभाव से प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करने और संबंधित व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।












