देहरादून से झूलाघाट जा रही पिथौरागढ़ डिपो की बस बुधवार सुबह चंपावत-लोहाघाट के बीच देवराड़ी बैंड पर खराब हो गई। बस का फैन बेल्ट टूटने के बाद चालक को उसे रोकना पड़ा। बस में 34 यात्री सवार थे, जिन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरे वाहनों की मदद से भेजा गया।

यूके 07 पीए 4199 नंबर की यह बस मंगलवार शाम देहरादून से रवाना हुई थी। रातभर सफर के बाद बुधवार सुबह करीब 7:30 AM वह देवराड़ी बैंड के पास पहुंची। इसी दौरान फैन बेल्ट टूट गई और बस बीच सड़क पर खड़ी हो गई।

चालक और परिचालक ने मौके पर बस ठीक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। परिचालक ने घटना की जानकारी पिथौरागढ़ डिपो के अधिकारियों को दी।

3 बसों से पिथौरागढ़ भेजे गए यात्री

डिपो अधिकारियों ने पिथौरागढ़ लौट रही देहरादून, दिल्ली और दूसरे रूटों की बसों के परिचालकों से संपर्क किया। इसके बाद 34 यात्रियों को 3 अलग-अलग बसों से पिथौरागढ़ भेजा गया। वहां से दूसरे वाहन की व्यवस्था कर यात्रियों को झूलाघाट रवाना किया गया।

पिथौरागढ़ डिपो के आरएम रवि शेखर ने बताया कि फैन बेल्ट टूटने के कारण बस को देवराड़ी बैंड के पास खड़ा करना पड़ा। यात्रियों को 3 बसों से पिथौरागढ़ पहुंचाया गया और इसके बाद उन्हें दूसरे वाहन से झूलाघाट भेजा गया।

आंतरिक मार्गों पर बसों की कमी से यात्रियों की मुश्किलें

पिथौरागढ़ जिले के कई आंतरिक मार्गों पर रोडवेज सेवा लंबे समय से बंद है। जिन रूटों पर बसें चल रही हैं, वहां भी बसों की कमी बनी हुई है। इसका असर सार्वजनिक परिवहन की नियमितता और यात्रियों की सुविधा पर पड़ रहा है।

कनालीछीना, मड़मानले, अस्कोट, भागीचौरा, पीपली, डीडीहाट, बलुवाकोट, धारचूला, मदकोट, बरम और मुनस्यारी जैसे रूटों पर रोज करीब डेढ़ सौ टैक्सियां चलती हैं। ये वाहन ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ते हैं। वड्डा-झूलाघाट, गौड़ीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, नाचनी, मुवानी और अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में टैक्सियां संचालित होती हैं।

इन मार्गों की खराब हालत के बीच टैक्सियां कई इलाकों में लोगों की आवाजाही का मुख्य सहारा बनी हुई हैं। यात्रियों को कभी जल्दी निकलने के लिए असुविधाजनक तरीके से सफर करना पड़ता है, तो कभी वाहन में सवारियां पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता है।

कई रूटों पर सीमित बस सेवाएं

रोडवेज बसें अस्कोट, डीडीहाट, मदकोट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, धरमघर, धारचूला और झूलाघाट सहित कई क्षेत्रों को जोड़ती हैं। हालांकि बसों की कमी के कारण कई रूटों पर केवल एक या 2 सेवाएं ही चल रही हैं।

पिथौरागढ़-थल रूट पर सिर्फ एक बस चलने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस के तय समय से यात्रा हो जाए तो सुविधा मिलती है, लेकिन समय बदलने पर टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है। लोगों ने नियमित और अधिक बसें चलाने की मांग की है।

धारचूला के दूरस्थ पांगला क्षेत्र से दिल्ली के बीच शुरू की गई सेवा बस की कमी और मार्ग बाधित रहने के कारण फिलहाल बंद है। व्यास घाटी-आदि कैलाश और मदकोट होकर मुनस्यारी के लिए बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है।

पिथौरागढ़ के एआरएम आरएस कापड़ी ने कहा कि नई बसें मिलने पर मुनस्यारी और डीडीहाट-देहरादून के बीच सेवा चलाने का प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार, इससे दूसरे आंतरिक मार्गों पर भी बस संचालन बेहतर करने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

देवराड़ी बैंड पर फैन बेल्ट टूटने से बस में सवार 34 यात्रियों को वैकल्पिक वाहनों से आगे भेजना पड़ा। यह घटना पिथौरागढ़ जिले में बसों की कमी और आंतरिक मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता की समस्या को भी सामने लाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. बस कहां खराब हुई?

बस चंपावत और लोहाघाट के बीच देवराड़ी बैंड के पास खराब हुई।

Q. बस किस रूट पर जा रही थी?

बस देहरादून से झूलाघाट जा रही थी।

Q. बस में कितने यात्री सवार थे?

बस में 34 यात्री सवार थे।

Q. यात्रियों को आगे कैसे भेजा गया?

यात्रियों को 3 अलग-अलग बसों से पिथौरागढ़ भेजा गया। इसके बाद दूसरे वाहन से उन्हें झूलाघाट रवाना किया गया।

Q. बस खराब होने की वजह क्या थी?

बस का फैन बेल्ट टूट गया था।

Q. पिथौरागढ़ जिले में सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी क्या समस्या बताई गई है?

कई आंतरिक मार्गों पर रोडवेज सेवा बंद है और कई चालू रूटों पर बसों की संख्या सीमित है।