पिथौरागढ़ जिले में जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बंगापानी के पास बुधवार सुबह चलती कार में भीषण आग लग गई। कार मालिक और चालक ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन फायर सर्विस के पहुंचने से पहले वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसे के बाद सड़क पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।
सेरा सिर्तोला निवासी राजेंद्र सिंह अपने गांव के चालक प्रेम सिंह के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से बंगापानी बाजार जा रहे थे। रतपतिया छीड़ के पास कार के डैसबोर्ड से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक ने खतरे को भांपते हुए कार बीच सड़क पर रोक दी। दोनों के बाहर निकलते ही वाहन में तेज आग लग गई।
कुछ ही देर में कार से ऊंची लपटें उठने लगीं। आसपास आग बुझाने का कोई साधन उपलब्ध नहीं था। राजेंद्र सिंह और प्रेम सिंह अपनी आंखों के सामने कार को जलता देखते रहे। सुबह करीब 9:00 बजे हुई इस घटना की सूचना वाहन मालिक ने फायर सर्विस को दी।
फायर टीम को पहुंचने में लगे ढाई घंटे
धारचूला फायर यूनिट से बंगापानी की दूरी 58 किलोमीटर है। फायर सर्विस की टीम घटनास्थल तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। टीम करीब 11:30 AM मौके पर पहुंची, तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, धारचूला यूनिट केदार पांगती ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को रवाना कर दिया गया था। उनके मुताबिक, 58 किलोमीटर की दूरी और रास्ते के सफर के कारण टीम को पहुंचने में समय लगा। कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
धारचूला और डीडीहाट में फायर यूनिट स्थापित हैं। ये यूनिट धारचूला से लेकर मुनस्यारी, थल और डीडीहाट क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं पर पहुंचती हैं। किसी घटना के दूरस्थ इलाके में होने पर टीम को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे आग पर समय रहते काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ढाई घंटे तक सड़क पर रुके रहे वाहन
कार के बीच सड़क में जलने से जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई। करीब ढाई घंटे तक बड़ी संख्या में वाहन और यात्री सड़क पर फंसे रहे। आग शांत होने के बाद ही यातायात शुरू हो सका और यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
यह मार्ग पर्यटन नगरी मुनस्यारी को जोड़ता है। इन दिनों आदि कैलाश यात्रा संचालित है। यात्रा के बाद बड़ी संख्या में यात्री मुनस्यारी पहुंचकर वहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने जा रहे हैं। ऐसे में बंगापानी में हुई घटना से स्थानीय आवाजाही के साथ पर्यटन मार्ग पर चल रहे यात्रियों को भी लंबे समय तक रुकना पड़ा।
निष्कर्ष
बंगापानी के पास चलती कार में आग लगने से वाहन पूरी तरह जल गया, लेकिन चालक और मालिक समय रहते बाहर निकल गए। फायर टीम के पहुंचने तक आग बुझाने का मौका नहीं बचा और सड़क पर ढाई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर कार में आग कहां लगी?
बंगापानी के पास रतपतिया छीड़ में कार में आग लगी।
Q. कार में सवार लोगों का क्या हुआ?
कार मालिक राजेंद्र सिंह और चालक प्रेम सिंह समय रहते बाहर निकल गए। इससे उनकी जान बच गई।
Q. फायर सर्विस को घटनास्थल तक पहुंचने में कितना समय लगा?
धारचूला से 58 किलोमीटर की दूरी तय कर टीम करीब ढाई घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची।
Q. फायर सर्विस टीम कब मौके पर पहुंची?
टीम करीब 11:30 AM घटनास्थल पर पहुंची।
Q. आग लगने के बाद यातायात पर क्या असर पड़ा?
दोनों तरफ जाम लग गया और करीब ढाई घंटे तक बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रहे।
Q. कार में आग लगने का कारण क्या था?
आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
Q. यह सड़क किन प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती है?
जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर्यटन नगरी मुनस्यारी को जोड़ती है।









