पौड़ी जिले के विकासखंड थलीसैंण के बंगाली गांव निवासी युवा दीवान सिंह ने कुक्कुट पालन को रोजगार का साधन बनाया है। वर्ष 2020 में शुरू किया गया उनका यह काम अब आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में उन्हें कुक्कुट पालन से करीब 70 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है।
दीवान सिंह अब गांव में 5,000 पैरेंट स्टॉक की कुक्कुट इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुक्कुट पालन को व्यावसायिक स्तर पर विकसित करने के लिए पशुपालन विभाग की योजना के तहत उनकी इकाई के लिए शासन से 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है।
गांव में रोजगार का जरिया बना कुक्कुट पालन
दीवान सिंह ने कुक्कुट पालन के जरिए गांव में रहकर अपनी आजीविका मजबूत की है। वर्ष 2020 से शुरू हुई इस गतिविधि से उनकी मौजूदा मासिक आय करीब 70 हजार रुपये बताई गई है। अब प्रस्तावित नई इकाई के जरिए वे अपने काम को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि कुक्कुट पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय का अच्छा माध्यम बन सकता है। उनके अनुसार, यह गतिविधि गांवों में रोजगार और आमदनी का जरिया बनने की क्षमता रखती है।
प्रस्तावित इकाई से जुड़ी जानकारी
- स्थान: बंगाली गांव, विकासखंड थलीसैंण, पौड़ी
- प्रस्तावित क्षमता: 5,000 पैरेंट स्टॉक
- मौजूदा मासिक आय: करीब 70 हजार रुपये
- कुक्कुट पालन शुरू करने का वर्ष: 2020
- स्वीकृत धनराशि: 1.40 करोड़ रुपये
निष्कर्ष
दीवान सिंह ने 2020 में शुरू किए कुक्कुट पालन को अब बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी की है। वे 5,000 पैरेंट स्टॉक वाली इकाई स्थापित करेंगे। उनके अनुसार, इसके लिए शासन से 1.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दीवान सिंह कहां के रहने वाले हैं?
दीवान सिंह पौड़ी जिले के विकासखंड थलीसैंण के बंगाली गांव के निवासी हैं।
Q. उन्होंने कुक्कुट पालन कब शुरू किया था?
दीवान सिंह ने वर्ष 2020 में कुक्कुट पालन शुरू किया था।
Q. कुक्कुट पालन से उन्हें कितनी आय हो रही है?
वर्तमान में उन्हें इससे करीब 70 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है।
Q. दीवान सिंह कौन-सी नई इकाई लगाने की तैयारी कर रहे हैं?
वे 5,000 पैरेंट स्टॉक की कुक्कुट इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं।
Q. इकाई के लिए कितनी धनराशि स्वीकृत होने की बात कही गई है?
दीवान सिंह के अनुसार, पशुपालन विभाग की योजना के तहत उनकी इकाई के लिए 1.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।











