स्याल्दे (अल्मोड़ा)। रामनगर-बदरीनाथ मोटर मार्ग के मुख्य केदार तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने से यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई है। यहां रोजाना सैकड़ों यात्री खुले आसमान के नीचे वाहनों का इंतजार करते हैं। मौसम खराब होने पर उन्हें बैठने या सिर छिपाने की जगह नहीं मिलती।

केदार तिराहा क्षेत्र का एक मुख्य जंक्शन है। स्याल्दे, सराईखेत, देघाट और नागचूला खाल जैसे दर्जनों क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को यहां रूट बदलने के लिए रुकना पड़ता है। प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक सड़क किनारे खुले में खड़ा रहना पड़ता है।

गर्मी में यात्रियों को चिलचिलाती धूप और लू का सामना करना पड़ता है। बरसात में वे भीगने को मजबूर होते हैं, जबकि सर्दियों में मौसम की मार झेलनी पड़ती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।

कई बार उठी प्रतीक्षालय बनाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया है। इसके बावजूद अब तक केदार तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है।

अफो गांव के प्रधान अनूप सिंह रावत ने बताया कि ग्रामीण पिछले कई वर्षों से केदार तिराहे पर सुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय बनाने की मांग शासन-प्रशासन के सामने रखते आ रहे हैं। उनके अनुसार, मांग के बावजूद धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है।

विरोट निवासी बालम गिरी ने कहा कि केदार तिराहा मुख्य पड़ाव है और यहां हर समय काफी यात्रियों की आवाजाही रहती है। उन्होंने कहा कि यहां कम से कम बैठने और सिर छिपाने की जगह उपलब्ध होनी चाहिए।

यात्रियों की परेशानी का असर

प्रतीक्षालय नहीं होने से यात्रियों को मौसम के भरोसे वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। अलग-अलग रूटों के लिए वाहन बदलने वाले लोगों के लिए केदार तिराहे पर बुनियादी सुविधा का अभाव रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है। ग्रामीण अब भी इस समस्या के समाधान और सुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

केदार तिराहा कई क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख पड़ाव है, लेकिन यहां यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने से रोजाना यात्रियों को धूप, बारिश और सर्दी में खुले में इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन इस सुविधा का निर्माण कराए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. केदार तिराहा कहां स्थित है?

केदार तिराहा अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र में रामनगर-बदरीनाथ मोटर मार्ग पर स्थित मुख्य जंक्शन है।

Q. यहां यात्रियों को किस समस्या का सामना करना पड़ रहा है?

केदार तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय नहीं है। इसलिए यात्रियों को खुले आसमान के नीचे वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।

Q. किन क्षेत्रों के यात्री यहां रुकते हैं?

स्याल्दे, सराईखेत, देघाट और नागचूला खाल समेत कई क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्री यहां रुकते हैं।

Q. किन यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है?

बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।

Q. ग्रामीणों ने क्या मांग की है?

ग्रामीणों ने केदार तिराहे पर सुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय बनाने की मांग की है।