नैनीताल जिले में शुक्रवार को होने वाली ग्राम सभा बैठकों का ग्राम प्रधानों ने बहिष्कार करने का फैसला किया है। जिला ग्राम प्रधान संगठन का कहना है कि उसकी 10 सूत्रीय मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन के जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी दी है। पत्र के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले ग्राम प्रधानों की समस्याओं और मांगों से जुड़ा मांगपत्र सौंपा गया था।
उस समय समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कदम उठाने और साफ दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। संगठन का कहना है कि इसके बाद भी किसी मांग पर ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
संगठन ने बताया विरोध का कारण
ग्राम प्रधान संगठन के अनुसार, प्रधान गांवों में सरकार की अलग-अलग योजनाओं और अभियानों को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद प्रधानों की समस्याओं और उठाई गई मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा बैठकों से दूर रहने का फैसला किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। यह कदम सरकार की ओर से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के विरोध में उठाया गया है।
पत्र के जरिए 10 सूत्रीय मांगों पर तुरंत संज्ञान लेने को कहा गया है। साथ ही संगठन ने लिखित जानकारी देने और समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
बैठक में भीमताल के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गंगोला, बेतालघाट से जेडी कत्यूरा, रामनगर से नवीन सती, कोटाबाग से सुरेंद्र बोहरा, रामगढ़ से नंदन बिष्ट, ओखलकांडा से मदन परगाई और धारी से हरीश गंगोला समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
निष्कर्ष
ग्राम प्रधान संगठन ने शुक्रवार की ग्राम सभा बैठकों के बहिष्कार के जरिए अपनी 10 मांगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है। अब संगठन लिखित जवाब और समयबद्ध समाधान की अपेक्षा कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ग्राम प्रधान किसका बहिष्कार करेंगे?
शुक्रवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होने वाली ग्राम सभा बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा।
Q. बहिष्कार का मुख्य कारण क्या है?
संगठन के अनुसार, उसकी 10 सूत्रीय मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
Q. संगठन ने किस अधिकारी को पत्र भेजा है?
जिला ग्राम प्रधान संगठन ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर फैसले की जानकारी दी है।
Q. ग्राम प्रधानों ने पहले क्या कदम उठाया था?
संगठन ने करीब एक सप्ताह पहले समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों से जुड़ा मांगपत्र सौंपा था।
Q. संगठन अब सरकार से क्या चाहता है?
संगठन मांगों पर लिखित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई चाहता है।







