भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम में जाम की समस्या कम करने के लिए पुलिस ने रविवार को श्रद्धालुओं के वाहनों को भीमताल और भवाली में रुकवाया। इसके बाद श्रद्धालुओं को शटल सेवा से कैंची धाम भेजा गया।
पुलिस ने दोपहिया वाहनों को कैंची धाम की ओर जाने की अनुमति नहीं दी। टैक्सी वाहनों को भी एक साथ भेजने के बजाय बारी-बारी से धाम की ओर रवाना किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य कैंची धाम के आसपास वाहनों का दबाव कम करना था।
रविवार को श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही कम रहने से कैंची धाम में जाम की स्थिति नियंत्रित रही। इसका असर पहाड़ की ओर आने-जाने वाले यात्रियों और सैलानियों पर भी पड़ा। उन्हें पहले की तरह लंबे जाम की परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीमताल और भवाली से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को आगे भेजा।
आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी चहल-पहल
भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल में रविवार को सैलानियों की आवाजाही बनी रही। इन पर्यटन स्थलों पर भी लोगों की चहल-पहल देखने को मिली।
निष्कर्ष
पुलिस ने कैंची धाम में जाम घटाने के लिए भीमताल और भवाली से श्रद्धालुओं को शटल सेवा से भेजा। दोपहिया वाहनों को रोका गया और टैक्सियों की आवाजाही क्रमवार रखी गई, जिससे रविवार को यातायात व्यवस्था बेहतर रही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की गई?
श्रद्धालुओं के वाहन भीमताल और भवाली में रुकवाकर उन्हें शटल सेवा से कैंची धाम भेजा गया।
Q. क्या दोपहिया वाहनों को कैंची धाम जाने दिया गया?
नहीं, पुलिस ने दोपहिया वाहनों को कैंची धाम की ओर जाने से रोका।
Q. टैक्सी वाहनों के लिए क्या व्यवस्था रही?
टैक्सी वाहनों को बारी-बारी से कैंची धाम की ओर भेजा गया।
Q. यातायात व्यवस्था की निगरानी किसने की?
एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर मौजूद रहे।
Q. रविवार को जाम की स्थिति कैसी रही?
श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही कम रहने से कैंची धाम में जाम कम रहा।
Q. किन पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल रही?
भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल में सैलानियों की चहल-पहल देखने को मिली।








