नैनीताल में 18 अक्तूबर की रात आसमान खगोल प्रेमियों और आम लोगों के लिए खास नजारा पेश करेगा। चंद्रमा अपने मासिक चक्र के महत्वपूर्ण पड़ाव पर रहेगा, जबकि सौरमंडल के कई ग्रह रात और सुबह अलग-अलग समय पर दिखाई देंगे।

शाम को सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में फर्स्ट क्वार्टर मून नजर आएगा। इस अवस्था में चंद्रमा का आधा हिस्सा सूर्य की रोशनी से चमकता दिखाई देता है। मौसम साफ रहने पर इसे बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा। यह नजारा धनु राशि के तारों के बीच दिखाई देने की उम्मीद है।

रात में शनि और यूरेनस पर नजर

रात बढ़ने के साथ शनि अपनी चमक के साथ आसमान में दिखाई देगा। हाल में हुए अपोजिशन के बाद शनि इन दिनों पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब है। इसी वजह से यह सुनहरे तारे की तरह चमकता नजर आएगा।

शनि के प्रसिद्ध छल्लों को देखने के लिए छोटी दूरबीन की मदद ली जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी आकाश में कृतिका नक्षत्र के पास यूरेनस भी मौजूद रहेगा। यह बर्फीला गैस दानव सामान्य आंखों से देखना मुश्किल होगा और इसे देखने के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ेगी।

सुबह दिखेगी 3 खगोलीय पिंडों की युति

इस खगोलीय सिलसिले का सबसे आकर्षक हिस्सा अगले दिन सुबह सूर्योदय से ठीक पहले दिखाई देगा। तड़के उठने वाले लोग पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षितिज पर मंगल और बृहस्पति को देख सकेंगे। इनके साथ सिंह राशि का सबसे चमकदार तारा रेगुलस भी नजर आएगा।

इस तरह रात में चंद्रमा, शनि और यूरेनस के बाद सुबह मंगल, बृहस्पति और रेगुलस का साथ आकाश देखने वालों के लिए अलग-अलग दृश्य बनाएगा। हालांकि इन सभी घटनाओं को देखने की स्पष्टता मौसम और आकाश की स्थिति पर निर्भर करेगी।

एरीज के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने लोगों से प्रदूषण मुक्त और अंधेरे स्थानों से स्काईगेजिंग करने की अपील की है। ऐसे स्थानों पर आसपास की रोशनी कम होने से आकाशीय पिंडों को देखना आसान रहता है।

निष्कर्ष

18 अक्तूबर की रात नैनीताल में आधा रोशन चंद्रमा, शनि और यूरेनस दिखाई देंगे, जबकि सुबह मंगल, बृहस्पति और रेगुलस की युति नजर आएगी। साफ मौसम और अंधेरा स्थान इस खगोलीय नजारे को देखने में मददगार रहेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. 18 अक्तूबर की रात नैनीताल में क्या दिखाई देगा?

18 अक्तूबर की रात आधा रोशन चंद्रमा, शनि और यूरेनस दिखाई देंगे। सुबह मंगल, बृहस्पति और रेगुलस भी नजर आएंगे।

Q. आधा रोशन चंद्रमा कब दिखाई देगा?

फर्स्ट क्वार्टर मून सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में दिखाई देगा। इसे मौसम साफ रहने पर बिना उपकरण के देखा जा सकेगा।

Q. शनि के छल्ले कैसे देखे जा सकते हैं?

शनि के छल्लों को देखने के लिए छोटी दूरबीन की मदद ली जा सकती है।

Q. यूरेनस को देखने के लिए क्या जरूरी होगा?

यूरेनस कृतिका नक्षत्र के पास पूर्वी आकाश में रहेगा। इसे देखने के लिए दूरबीन की जरूरत होगी।

Q. सुबह कौन-कौन से खगोलीय पिंड साथ दिखाई देंगे?

सूर्योदय से ठीक पहले मंगल, बृहस्पति और सिंह राशि का चमकदार तारा रेगुलस साथ नजर आएंगे।

Q. खगोलीय नजारा देखने के लिए किस जगह जाना बेहतर रहेगा?

प्रदूषण मुक्त और अंधेरे स्थानों से स्काईगेजिंग करने की अपील की गई है।