छात्रसंघ चुनाव के दौरान नैनीताल पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत की है। पुलिस चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और 60 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर रही है।
इस व्यवस्था से चुनाव के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। ड्रोन के जरिए ऊपर से नजर रखी जा रही है, जबकि कैमरों की मदद से अलग-अलग स्थानों की मॉनिटरिंग की जा रही है।
निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल
पुलिस की यह व्यवस्था छात्रसंघ चुनाव के दौरान सुरक्षा और निगरानी पर केंद्रित है। ड्रोन तथा कैमरों के इस्तेमाल से निगरानी का दायरा बढ़ाया गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चुनावी अवधि में कुल 60 सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ड्रोन भी निगरानी व्यवस्था का हिस्सा है।
निष्कर्ष
छात्रसंघ चुनाव के दौरान नैनीताल पुलिस तकनीकी साधनों के जरिए निगरानी कर रही है। ड्रोन और 60 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. छात्रसंघ चुनाव के दौरान किस विभाग ने निगरानी व्यवस्था संभाली है?
निगरानी व्यवस्था नैनीताल पुलिस की ओर से संभाली जा रही है।
Q. चुनाव के दौरान निगरानी के लिए किन साधनों का इस्तेमाल हो रहा है?
पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी कर रही है।
Q. कितने सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है?
मॉनिटरिंग के लिए 60 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Q. ड्रोन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है?
ड्रोन के जरिए छात्रसंघ चुनाव के दौरान गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
Q. यह निगरानी कब की जा रही है?
यह निगरानी छात्रसंघ चुनाव के दौरान की जा रही है।












