कण्वघाटी/कोटद्वार। लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग को लेकर रविवार सुबह चिल्लरखाल में धरना जारी रहा। आंदोलनकारी धरनास्थल पर जुटे और सरकार तथा संबंधित विभागों से मार्ग का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग उठाई।

आंदोलनकारियों ने कहा कि यह मार्ग कोटद्वार, लालढांग और गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, सड़क बनने से लोगों को दिन-रात आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने मार्ग को क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सामरिक लिहाज से भी अहम बताया।

भूमि हस्तांतरण में देरी पर नाराजगी

धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने वन विभाग की ओर से लोनिवि को भूमि हस्तांतरित करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी के कारण महत्वपूर्ण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। आंदोलनकारियों ने कहा कि परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी पहल क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से संबंधित विभागों के बीच जरूरी प्रक्रिया पूरी कराकर मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की।

धरने में ये लोग रहे मौजूद

धरने में रविंद्र सौंद, उम्मेद भंडारी, नरेश धस्माना, कृपाल गुसाईं, मोहन सिंह बिष्ट, अमित राणा, गोवर्धन काला, पुष्पा मेहरा और कल्पना जोशी आदि मौजूद रहे।

निष्कर्ष

लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर चिल्लरखाल में धरना जारी है। आंदोलनकारी भूमि हस्तांतरण में देरी दूर करने और परियोजना का काम जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को लेकर क्या मांग की जा रही है?

आंदोलनकारी मार्ग का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।

Q. रविवार को आंदोलनकारी कहां जुटे?

आंदोलनकारी चिल्लरखाल स्थित धरनास्थल पर जुटे।

Q. किस प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई गई?

वन विभाग की ओर से लोनिवि को भूमि हस्तांतरित करने में देरी पर नाराजगी जताई गई।

Q. यह मार्ग किन क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया?

यह मार्ग कोटद्वार, लालढांग और गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

Q. आंदोलनकारियों ने जनप्रतिनिधियों को लेकर क्या सवाल उठाया?

उन्होंने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों की प्रभावी पहल पर सवाल उठाया।