दुगड्डा ब्लॉक के उमरैला गांव में डीएम स्वाति एस भदौरिया ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। पंचायत घर में हुई बैठक के दौरान डीएम फर्श पर बैठीं और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, पैदल रास्ते, वन्यजीवों से नुकसान और परिवहन से जुड़े मुद्दे सामने रखे।

डीएम रविवार शाम एसडीएम संदीप कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया और अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचीं। ग्राम प्रधान संगीता देवी ने उनका स्वागत किया। बैठक में ग्रामीणों ने ऐता-उमरैला-चरेख मोटर मार्ग की स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना था कि कुछ माह पहले किया गया डामरीकरण कई जगह से उखड़ गया है। सड़क पर नालियां नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा होता है।

ग्रामीणों ने ऐता पुल से चरेख तक सड़क किनारे उगी झाड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि इससे दुर्घटनाओं और वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। मल्ला उमरैला में हाथियों से हुए नुकसान की समस्या भी बैठक में रखी गई।

ग्रामीणों ने रखीं ये मांगें

महरगांव के गिरीश चंद्र गौड़ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव में पक्का पैदल रास्ता बनाने की मांग की। उन्होंने ऐता पुल के पास स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में द्वार स्थापित करने का मुद्दा भी उठाया।

बूंगधार के ग्रामीणों ने कच्ची सड़क पर डामरीकरण कराने और सड़क किनारे मलबा डालने पर रोक लगाने की मांग की। भारत सिंह ने उमरैला मल्ला तक पेयजल पहुंचाने की बात रखी।

इंदु देवी ने बताया कि जुलाई 2022 में वन्यजीव ने उनकी गाय को मार दिया था। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों से वाहन चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायत भी की। इस मामले में डीएम ने आरटीओ को कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

दिव्यांगजनों को उपकरण बांटे गए

बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से चयनित दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, वॉकर, छड़ी और कान की मशीन वितरित की गईं। डीएम ने सप्ताह के अंत में स्वास्थ्य शिविर लगाने की जानकारी भी दी।

डीएम ने एसडीएम संदीप कुमार और बीडीओ बीडी रतूड़ी को ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीणों की ओर से रखे गए मुद्दों में सड़क की मरम्मत, जल निकासी, पेयजल और वन्यजीवों से सुरक्षा प्रमुख रहे।

निष्कर्ष

उमरैला की बैठक में ग्रामीणों ने सड़क, पानी, पैदल रास्ते, वन्यजीवों से नुकसान और किराया वसूली से जुड़े मुद्दे उठाए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए और सप्ताह के अंत में स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उमरैला गांव में ग्रामीणों की समस्याएं किसने सुनीं?

डीएम स्वाति एस भदौरिया ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। वह पंचायत घर में हुई बैठक में फर्श पर बैठकर ग्रामीणों से मिलीं।

Q. ग्रामीणों ने सड़क से जुड़ी कौन-कौन सी समस्याएं बताईं?

ग्रामीणों ने ऐता-उमरैला-चरेख मोटर मार्ग का डामरीकरण उखड़ने और सड़क पर नालियां नहीं होने की शिकायत की। ऐता पुल से चरेख तक झाड़ियों का मुद्दा भी उठाया गया।

Q. पेयजल को लेकर क्या मांग रखी गई?

भारत सिंह ने उमरैला मल्ला तक पेयजल पहुंचाने की मांग रखी।

Q. वन्यजीवों से नुकसान का कौन सा मामला सामने आया?

इंदु देवी ने बताया कि जुलाई 2022 में वन्यजीव ने उनकी गाय को मार दिया था। उन्होंने अब तक मुआवजा नहीं मिलने की बात कही।

Q. विद्यार्थियों से जुड़ी क्या शिकायत की गई?

ग्रामीणों ने विद्यार्थियों से वाहन चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायत की। डीएम ने आरटीओ को कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

Q. दिव्यांगजनों को क्या वितरित किया गया?

चयनित दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, वॉकर, छड़ी और कान की मशीन वितरित की गईं।

Q. अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए?

डीएम ने एसडीएम संदीप कुमार और बीडीओ बीडी रतूड़ी को ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।